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Gulab Kothari Article : जिस प्रकार पत्नी विवाह के दौरान पति के हृदय (सूक्ष्म/परा प्रकृति) से युक्त होती है, पुरुष भी यदि सूक्ष्म को छू ले तो दोनों आत्मा के प्रखर धरातल पर जुड़ सकते हैं। खेद यही है कि शिक्षा ने दोनों के ही सूक्ष्म धरातल को आवरित कर दिया। शिक्षा में सब कुछ बाहरी विश्व ही है, भीतर की चर्चा ही नहीं है। तब किसी भी परिवार में जीवात्मा कैसे जी सकता है। दो पशु शरीर तीसरा पशु ही पैदा कर सकते हैं।
Updated on:
15 May 2026 07:05 pm
Published on:
15 May 2026 07:05 pm
