
- ट्रायल कोर्ट ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार मामले में डीवीएसी को आगे की जांच के आदेश दिए
Bचेन्नई. Bदीवानी अदालत ने पूर्व एआइएडीएमके आवास मंत्री और मौजूदा डीएमके विधायक वैद्यलिंगम के खिलाफ कथित 28 करोड़ रुपए के रिश्वत मामले में आगे की जांच के आदेश दिए हैं। अदालत ने सतर्कता और भ्रष्टाचार विरोधी निदेशालय (डीवीएसी) को इस जांच को पूरा करने के लिए तीन महीने का समय दिया है। यह आदेश भ्रष्टाचार विरोधी गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) अरप्पोर अयक्कम द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई के बाद आया है, जिसमें डीवीएसी द्वारा इस मामले को बंद करने के फैसले को चुनौती दी गई थी। सुनवाई के दौरान डीवीएसी ने भी अदालत के सामने माना कि इस मामले में आगे की जांच की आवश्यकता है।
यह मामला अरप्पोर अयक्कम द्वारा दर्ज कराई गई एक शिकायत से जुड़ा है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि वैद्यलिंगम ने साल 2015-16 के दौरान एक 1,400 अपार्टमेंट की आवासीय परियोजना को योजना मंजूरी देने के बदले श्रीराम प्रॉपर्टीज से 28 करोड़ रुपए की रिश्वत ली थी। संगठन ने आरोप लगाया था कि श्रीराम ग्रुप की कंपनी भारत कोल एंड केमिकल्स से 27.9 करोड़ रुपए वैद्यलिंगम के बेटे के स्वामित्व वाली कंपनी मुथम्माल एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड में ट्रांसफर किए गए थे।
इस शिकायत के आधार पर डीवीएसी ने सितंबर 2024 में एक प्राथमिकी (एफआइआर) दर्ज की थी। हालांकि, एजेंसी ने बाद में फरवरी 2026 में अदालत के सामने क्लोजर रिपोर्ट (मामला बंद करने की रिपोर्ट) दायर कर दी थी। इसके बाद अरप्पोर अयक्कम ने क्लोजर रिपोर्ट को रद्द करने और नए सिरे से जांच के आदेश देने की मांग को लेकर चेन्नई की मजिस्ट्रेट अदालत का रुख किया था।