जयपुर

एसआइ भर्ती परीक्षा-2021 में डमी अभ्यर्थी बैठाने का आरोपी द्वितीय श्रेणी शिक्षक गिरफ्तार, पहले भी बैठाया डमी अभ्यर्थी

SI Recruitment Exam-2021: जयपुर। राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित उपनिरीक्षक पुलिस संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा–2021 में डमी अभ्यर्थी बैठाकर चयन कराने के मामले में स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है।
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Jan 06, 2026
पुलिस रिमांड पर आरोपी सुनील कुमार बिश्नोई, पत्रिका फोटो
पुलिस रिमांड पर आरोपी सुनील कुमार बिश्नोई, पत्रिका फोटो

SI Recruitment Exam-2021: जयपुर। राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित उपनिरीक्षक पुलिस संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा–2021 में डमी अभ्यर्थी बैठाकर चयन कराने के मामले में स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी वर्तमान में द्वितीय श्रेणी अध्यापक है लेकिन विभाग ने उसे ​सस्पेंड किया है। आरोपी पूर्व में भी एक अन्य प्रतियोगी परीक्षा में डमी अभ्यर्थी बैठाने के आरोप में गिरफ्तार हो चुका है।

एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि सांचौर के साकद निवासी सुनील कुमार बिश्नोई को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी वर्तमान में निलंबित द्वितीय श्रेणी अध्यापक है और डीईओ कार्यालय सिरोही में पदस्थापित रहा है। जांच में सामने आया कि चयनित अभ्यर्थी ढालूराम मीणा के स्थान पर हरसनराम देवासी को डमी अभ्यर्थी के रूप में परीक्षा में बैठाया गया, जिससे उसे परीक्षा में उत्तीर्ण कर अंतिम रूप से चयन कराया गया। इस संबंध में थाना एसओजी जयपुर में वर्ष 2024 में प्रकरण दर्ज किया गया था।

पहले भी हो चुका है गिरफ्तार

इस मामले में पहले ही ढालूराम मीणा, हरसनराम देवासी और उनके सहयोगी उम्मेद सिंह को गिरफ्तार किया जा चुका है। तीनों आरोपी न्यायिक अभिरक्षा में हैं। आरोपी सुनील कुमार बिश्नोई को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे एक दिन के पुलिस रिमांड पर सौंपा गया है। सुनील कुमार इससे पहले भी शारीरिक शिक्षा अध्यापक भर्ती परीक्षा–2022 के फर्जीवाड़े के मामले में डमी अभ्यर्थी उपलब्ध कराने के आरोप में गिरफ्तार हो चुका है।

फर्जीवाड़े में अब तक 133 आरोपी गिरफ्तार

इस मामले में आरपीएससी के एक निलंबित सदस्य और एक पूर्व सदस्य को गिरफ्तार किया गया। इस प्रकरण में गिरफ्तार कुल 136 आरोपियों में 61 प्रशिक्षणरत उप निरीक्षक और 6 चयनित उपनिरीक्षक जिन्होंने जॉइन नहीं किया, सहित 67 उप निरीक्षक शामिल थे। इसके अतिरिक्त जेल प्रहरी भर्ती परीक्षा 2018 में पेपर लीक के मुख्य आरोपी और टीसीएस कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर जगजीत सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है। सरकार का दावा है कि दो साल के दौरान हुई भर्ती परीक्षाओं में नकल सिंडीकेट टूटा है और एक भी भर्ती परीक्षा में पेपर लीक नहीं हुआ है। बीते माह एसओजी ने तीन चयनित उपनिरीक्षकों को कड़ी पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था।

Updated on:
06 Jan 2026 09:20 am
Published on:
06 Jan 2026 09:20 am