जयपुर

FSL ने निकाली 25 पदों पर भर्ती, उठे सवाल- तो मृत्यु दंड व उम्रकैद की रिपोर्ट अब संविदाकर्मी करेंगे तैयार!

FSL Announced Recruitment : राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) ने 25 पदों के लिए संविदा पर भर्ती निकाली है। तो मृत्यु दंड व उम्रकैद की रिपोर्ट अब संविदाकर्मी तैयार करेंगे! कुछ वैज्ञानिक इस फैसले से असंतुष्ट हैं। जानें क्या है वजह।

2 min read
FSL Rajasthan Announced Recruitment for 25 Posts so Now Contract Workers Prepare Death Penalty and Life imprisonment

FSL Announced Recruitment : गैंग रेप, हत्या, और अन्य गंभीर अपराधों में डीएनए जांच या अन्य वैज्ञानिक सबूत जुटाने के लिए राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) में अब संविदा कर्मचारियों से रिपोर्ट तैयार करवाई जाएगी। एफएसएल प्रशासन ने डीएनए खंड के सहायक निदेशक के 8 पद और जैविक एवं सीरम खंड के वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी के 25 पदों के लिए संविदाकर्मियों की भर्ती निकाली है।

संविदा कर्मचारियों से रिपोर्ट तैयार कराना अवैध-असंवैधानिक कार्य

विज्ञप्ति के अनुसार, ये पद अधिकतम एक वर्ष के लिए भरे जाएंगे, या फिर जब तक नियमित लोक सेवक उपलब्ध नहीं होते (जो भी पहले हो)। इन कर्मचारियों को जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, भरतपुर, बीकानेर, कोटा, अजमेर स्थित प्रयोगशालाओं में काम करने का अवसर मिलेगा। हालांकि, कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि संविदा कर्मचारियों से रिपोर्ट तैयार कराना अवैध और असंवैधानिक कार्य होगा। उनका कहना है कि ऐसे में रिपोर्ट की गुणवत्ता और गोपनीयता पर सवाल उठ सकते हैं। इसके अतिरिक्त, एक साल के ठेके के बाद न्यायालय को आवश्यकता के समय रिपोर्टिंग ऑफिसर की उपलब्धता पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। यह बात महत्वपूर्ण है क्योंकि एफएसएल की रिपोर्ट पर गंभीर अपराधों में सजा, जैसे मृत्यु दंड या आजीवन कारावास, दी जा सकती है।

7 साल का अनुभव जरूरी

एफएसएल सूत्रों के अनुसार, एफएसएल में रिपोर्टिंग ऑफिसर के पद पर राज्य सरकार सामान्यत: सीधे भर्ती नहीं करती है। यह पद सहायक निदेशक के रूप में शुरू होता है, और इस पर वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी तब पहुंच सकते हैं, जब उनके पास कम से कम 5 साल का फॉरेंसिक अनुभव हो। वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी के पद के लिए कम से कम 2 साल का फॉरेंसिक अनुभव जरूरी है। यानी रिपोर्टिंग कार्य के पद तक पहुंचने के लिए लगभग 7 साल का फॉरेंसिक अनुभव आवश्यक होता है। एफएसएल के वैज्ञानिकों के पदोन्नति को लेकर लंबे समय से समस्याएं बनी हुई हैं और वैज्ञानिक कई बार अपनी पदोन्नति की मांग भी कर चुके हैं। इस संदर्भ में, हाई कोर्ट ने भी एफएसएल में स्थायी भर्ती करने के आदेश दिए हैं।

वैज्ञानिक बोले- ये कारण तो नहीं

कुछ वैज्ञानिकों का कहना है कि संविदा कर्मचारियों के माध्यम से बैकडोर एंट्री की योजना बनाई जा रही है, ताकि ठेके पर नियुक्त किए गए वैज्ञानिक किसी भी जांच पर सवाल न उठा सकें।

एक वर्ष के लिए संविदा पर निकाली गई है भर्ती

रिक्त पदों पर भर्ती के लिए आरपीएससी भर्ती बोर्ड को प्रस्ताव भेजा गया है। लेकिन हाई कोर्ट के आदेश हैं जल्द जांच रिपोर्ट तैयार करवाई जाए। इसलिए एक वर्ष के लिए संविदा पर भर्ती निकाली गई है। स्थायी भर्ती होने के बाद यह व्यवस्था बंद कर दी जाएगी।
डॉ. अजय शर्मा, निदेशक, एफएसएल राजस्थान

Published on:
03 Mar 2025 07:20 am