
Jaipur जयपुर जिले में दुर्गापुरा और गोविन्दगढ़ स्थित की दो गोशालाओं को विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए गणतंत्र दिवस पर पुरस्कृत किया जाएगा। जिला गौपालन समिति के अध्यक्ष और जिला कलक्टर अन्तर सिंह नेहरा की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई जिला गोपालन समिति की बैठक में यह निर्णय किया गया। नेहरा ने बताया कि गोशाला अधिनियम 1960 के अन्तर्गत पंजीकृत पांच वर्ष से अधिक और पांच वर्ष से कम अवधि से पंजीकृत इन गोशालाओं को पुरस्कार के रूप में 5 हजार रुपए नकद, प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिन्ह प्रदान किया जाएगा। इसमें पांच वर्ष से कम समय से पंजीकृत गौशालाओं की श्रेणियों में मातृत्व चेरिटेबल ट्रस्ट मां सुरभि गोग्राम गोषाला रायसिंह का बास, गोविन्दगढ को एवं पांच वर्ष से अधिक समय से पंजीकृत गौशालाओं की श्रेणी में राजस्थान गोसेवा संघ दुर्गापुरा को पुरस्कृत किया जाएगा।
जनसहयोग को बनाया आधार
नेहरा ने बताया कि गौशालाओं के उत्कृष्ट कार्य की परख के लिए गोवंश की चिकित्सा सुविधा, रिकॉर्ड कीपिंग, गौसंरक्षण, संवर्द्धन एवं चारा विकास उत्पादन कार्यक्रम, पंचगव्य उत्पादां का मूल्य संवर्द्धन एवं विपणन, गौशाला की आय का स्रोत, गौशाला आवास स्वच्छता एवं प्रबन्धन, गौपालन विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन में सक्रिय भागीदारी, गौशाला द्वारा क्षेत्र विकास में भागीदारी, तकनीक का उपयोग, उपलब्ध गौवंश के लिए जनसहयोग की प्राप्ति जैसे मानकों को आधार बनाया गया है। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर उत्तर बीरबल सिंह, जिला परिषद् के एसीईओ दीपांशु सांगवान, कोषाधिकारी जयपुर देवाराम, संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग जयपुर डॉ. प्रवीण कुमार, उप निदेशक पशुपालन डॉ. पद्मचन्द कानखेडिया, कृषि विभाग के प्रतिनिधि राजेश कुमार नगर निगम ग्रेटर के उपायुक्त मोहन सिंह और हैरिटेज के देवेन्द्र जैन शामिल हुए।
नन्दी गौशाला के लिए एमओयू जल्द
जिला गौपालन समिति की बैठक में नर गौवंश की देखरेख के लिए नन्दी गौशाला प्रारम्भ किए जाने के लिए नगर निगम जयपुर ग्रेटर और जिला गौपालन समिति के मध्य जल्द ही एक एमओयू हस्ताक्षरित करने पर सहमति बनी। नन्दी गौशाला के निर्माण से यहां-वहां आवारा घूमने वाले नर गौवंश की देखभाल हो सकेगी। साथ ही यातायात के दौरान उनके कारण होने वाली समस्या एवं खेतों को होने वाले नुकसान से बचाया जा सकेगा।