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Rajasthan: NEET परीक्षा के नाम पर फिर जालसाजी, जयपुर और कोटा से दो आरोपी गिरफ्तार

Re-NEET Exam: नीट परीक्षा में बड़े स्तर पर हुई धांधली के बाद अब री-नीट के नाम पर बड़ी जालसाजी का मामला सामने आया है। ठगों ने जाल बिछाकर करीब 1500 छात्रों से डेढ़ करोड़ रुपए वसूल लिए। मामले में अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने जयपुर और कोटा से दो युवकों को गिरफ्तार किया है। कई राज्यों में छापेमारी चल रही है।

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जयपुर

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Kamal Mishra

Jun 15, 2026

NEET Exam Fraud

NEET Exam Fraud: नीट परीक्षा के नाम पर जालसाजी कर रहे गिरफ्तार युवक (फोटो-पत्रिका)

जयपुर। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की ओर से आगामी 21 जून को होने वाली री-नीट यूजी परीक्षा का पेपर उपलब्ध कराने के नाम पर विद्यार्थियों और अभिभावकों से ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में राजस्थान के जयपुर और कोटा से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश में पश्चिम बंगाल सहित देशभर में छापेमारी जारी है। वहीं रिफंड के नाम पर ठगी करने वाले बिहार से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के संयुक्त पुलिस आयुक्त शरद सिंघल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य आरोपी सवाई माधोपुर के रावल गांव निवासी आकाश मीणा शामिल है, जो फिलहाल कोटा के कुन्हाड़ी में रह रहा था। उसे कोटा से गिरफ्तार किया गया। दूसरा आरोपी सुमेर सिंह मीणा है, जो सवाई माधोपुर जिले के पूनेता गांव का निवासी है और वर्तमान में जयपुर के महेशनगर क्षेत्र में रहता है।

15 हजार से 80 हजार तक एडवांस वसूले

जांच में सामने आया कि आरोपियों ने री-नीट परीक्षा का पेपर उपलब्ध कराने का झांसा देकर टेलीग्राम पर आठ फर्जी चैनल बना रखे थे। इन चैनलों पर परीक्षा सामग्री और प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के दावे किए जाते थे। इसके बदले अभ्यर्थियों और अभिभावकों से 15 हजार से 80 हजार रुपए तक एडवांस वसूला जाता था। रकम ट्रांसफर होते ही आरोपी संपर्क तोड़ देते थे। न कोई प्रश्नपत्र दिया जाता था और न ही पैसे का रिफंड। प्रारंभिक जांच में 1500 से अधिक विद्यार्थियों और अभिभावकों से ठगी तथा आरोपियों के खातों में करीब डेढ़ करोड़ रुपए के लेन-देन का खुलासा हुआ है।

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एक साल से सक्रिय, कई और आरोपी रडार पर

साइबर क्राइम ब्रांच के अनुसार आरोपी करीब एक साल से सक्रिय थे। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि नीट पेपरलीक प्रकरण में भी गिरोह की कोई भूमिका थी या नहीं। मामले में कई अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आई है, जिनकी तलाश जारी है।

हेल्पलाइन नंबर जारी

साइबर क्राइम ब्रांच ने अभ्यर्थियों और अभिभावकों से अपील की है कि परीक्षा से संबंधित जानकारी केवल अधिकृत स्रोतों पर ही प्राप्त करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर दें। उधर जयपुर रेंज आइजी ने भी विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। आइजी राहुल प्रकाश ने बताया कि जयपुर रेंज क्षेत्र के लिए 8764514102 हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है।

रिफंड के नाम पर भी ठगी, बिहार से एक आरोपी गिरफ्तार

नीट-यूजी पेपरलीक प्रकरण के बाद रिफंड के नाम पर साइबर ठगी का एक अन्य मामला भी सामने आया है। साइबर क्राइम ब्रांच ने बिहार से एक आरोपी नवीन कुमार यादव को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने एनटीए की वेबसाइट की तकनीकी खामियों का फायदा उठाकर करीब 150 विद्यार्थियों की रिफंड राशि अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करवा ली। घटना के बाद एनटीए ने रिफंड प्रक्रिया में टू-वे ऑथेंटिकेशन सिस्टम लागू कर दिया है। अब रिफंड राशि जारी करने से पहले अतिरिक्त सिक्योरिटी जांच की जाएगी।

पेपरलीक प्रकरण: जेल में पूछताछ की अनुमति

नीट-यूजी 2026 पेपरलीक मामले में दिल्ली की अदालत ने सीबीआइ को तीन मुख्य आरोपियों मनीषा संजय वाघमारे, धनंजय निवृत्ति लोखंडे और शुभम मधुकर खैरनार से जेल में पूछताछ की अनुमति दे दी है। जांच एजेंसी के अनुसार ये आरोपी पेपरलीक करने और प्रसारित करने की साजिश में शामिल थे।

री-नीट के लिए नया एडमिट कार्ड अनिवार्य

एनटीए ने स्पष्ट किया है कि 21 जून को होने वाली री-नीट परीक्षा में 3 मई का पुराना एडमिट कार्ड मान्य नहीं होगा। अभ्यर्थियों को नया एडमिट कार्ड डाउनलोड कर परीक्षा केंद्र पर प्रस्तुत करना होगा। परीक्षा 21 जून को दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित होगी।