7 अगस्त 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

डीजीपी राजीव शर्मा ने इंदौर में रखा राजस्थान पुलिस का विजन, तकनीक के प्रयोग पर दिया जोर

इंदौर में आयोजित 13वीं वेस्टर्न रीजनल पुलिस कोऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक में राजस्थान के डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने पश्चिमी राज्यों के पुलिस प्रमुखों के साथ साइबर अपराध, अंतरराज्यीय अपराध, नारकोटिक्स तस्करी, गुमशुदा बच्चों की खोज और तकनीक आधारित पुलिसिंग को लेकर मंथन किया। बैठक में राज्यों के बीच बेहतर समन्वय और साझा रणनीति पर विशेष जोर दिया गया।
3 min read
Google source verification

जयपुर

image

Kamal Mishra

Aug 07, 2026

DGP Rajasthan

बैठक में शामिल डीजीपी राजीव कुमार शर्मा (फोटो-पत्रिका)

जयपुर। मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में शुक्रवार को आयोजित 13वीं वेस्टर्न रीजनल पुलिस कोऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक में राजस्थान के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कुमार शर्मा ने हिस्सा लिया। बैठक में पश्चिमी क्षेत्र के विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने अंतरराज्यीय अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण, साइबर अपराधों की रोकथाम, गुमशुदा बच्चों की तलाश, नारकोटिक्स तस्करी पर कार्रवाई और तकनीक आधारित पुलिसिंग को मजबूत बनाने जैसे अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा की।

बैठक में मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, गोवा के पुलिस महानिदेशक आलोक कुमार सहित विभिन्न राज्यों के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ऑफलाइन एवं ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए। सभी अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने और राज्यों के बीच समन्वय बढ़ाने पर अपने सुझाव साझा किए।

राजस्थान पुलिस ने साझा किए अपने अनुभव

राजस्थान पुलिस की ओर से डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के साथ अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (कानून एवं व्यवस्था) वी.के. सिंह, पुलिस महानिरीक्षक के.बी. वंदना तथा चित्तौड़गढ़ के पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह भी बैठक में मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने विभिन्न विषयों पर राजस्थान पुलिस के अनुभव साझा किए और समन्वित पुलिसिंग को मजबूत बनाने के लिए सुझाव दिए।

क्या बोले डीजीपी राजीव शर्मा?

डीजीपी राजीव शर्मा ने बैठक में बताया कि राजस्थान पुलिस साइबर अपराधों की रोकथाम, तकनीक आधारित पुलिसिंग, कानून-व्यवस्था प्रबंधन और अंतरराज्यीय अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में लगातार नवाचार कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्यों के बीच बेहतर समन्वय और आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग भविष्य की चुनौतियों से निपटने में अहम भूमिका निभाएगा।

समसामयिक चुनौतियों पर हुई विस्तृत चर्चा

बैठक के दौरान विभिन्न वरिष्ठ अधिकारियों ने कई महत्वपूर्ण विषयों पर प्रस्तुतियां दीं। इनमें बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा प्रबंधन, गुमशुदा बच्चों की खोज के लिए अपनाए जा रहे नवाचार, साइबर अपराधों के नेटवर्क और इन्फ्रास्ट्रक्चर को ध्वस्त करने की रणनीति, आपराधिक न्याय प्रणाली में डिजिटल तकनीकों का उपयोग तथा मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के उपाय शामिल रहे।

प्रत्येक प्रस्तुति के बाद सहभागी राज्यों के अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा किए और बेहतर समन्वय के जरिए अपराध नियंत्रण को और प्रभावी बनाने पर विचार-विमर्श किया।

अंतरराज्यीय अपराधों पर साझा रणनीति बनाने पर जोर

बैठक में संगठित अपराध, साइबर अपराध और अंतरराज्यीय अपराधों के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई को और मजबूत बनाने पर सहमति बनी। अधिकारियों ने खुफिया सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान, आधुनिक तकनीकों के अधिकतम उपयोग और विभिन्न राज्यों की पुलिस के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया।

इसके अलावा विभिन्न राज्यों में अपनाई जा रही सफल कार्यप्रणालियों को साझा कर उन्हें अन्य राज्यों में भी लागू करने की संभावनाओं पर चर्चा की गई।

भविष्य की कार्ययोजना पर हुआ मंथन

बैठक के समापन सत्र में पश्चिमी क्षेत्र के राज्यों के बीच पुलिस सहयोग को और प्रभावी बनाने के लिए साझा कार्ययोजना तैयार करने पर विचार किया गया। साथ ही आगामी समन्वय बैठक के आयोजन और भविष्य में अंतरराज्यीय सहयोग को और मजबूत बनाने के लिए नियमित संवाद जारी रखने पर भी सहमति बनी। अधिकारियों ने माना कि बदलते अपराध स्वरूप के बीच राज्यों के बीच मजबूत तालमेल ही प्रभावी कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था की कुंजी है।