
जयपुर में BRICS बैठक में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने FDI सुधार पर दी जानकारी,photo source@ANI
FDI Rules Amendment: केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि भारत ने हाल ही में अपने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) नियमों में बदलाव किए हैं ताकि बड़े पैमाने पर ई-कॉमर्स व्यापार को आसान बनाया जा सके और छोटे व्यवसायों, कारीगरों, किसानों और मछुआरों को बड़े बाजारों तक पहुंच मिल सके। जयपुर में ब्रिक्स (BRICS) व्यापार और उद्योग मंत्रियों की बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए गोयल ने कहा कि इन बदलावों से हथकरघा, हस्तशिल्प, कपड़ा, जूते और खाद्य उत्पादों जैसे सामानों के ई-कॉमर्स व्यापार में आसानी होगी।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, "हमने हाल ही में हथकरघा, हस्तशिल्प, कपड़ा, जूते और रोजमर्रा की विभिन्न वस्तुओं (खाद्य उत्पादों सहित) जैसे उत्पादों के लिए बड़े पैमाने पर ई-कॉमर्स व्यापार को आसान बनाने के लिए FDI नियमों में संशोधन किया है, जिन्हें उपभोक्ता आमतौर पर ऑनलाइन खरीदते हैं। इससे हमारे किसानों और मछुआरों को फायदा होगा।
उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब ब्रिक्स देशों के मंत्रियों ने सदस्य देशों के बीच व्यापार, निवेश, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) के लिए वित्तपोषण, डिजिटल कॉमर्स और औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।
गोयल ने कहा कि भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स सम्मेलन में गुरूवार कोउद्योग मंत्रियों की बैठक हुई, जिसमें उभरती हुई तकनीकों के माध्यम से निवेश बढ़ाने और रोजगार के अवसर पैदा करने पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा, "आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी उभरती हुई तकनीकों के माध्यम से नई नौकरियां और अवसर पैदा करने पर व्यापक चर्चा हुई, और इस बात पर भी कि कैसे ये तकनीकें सभी ब्रिक्स देशों में आर्थिक और औद्योगिक प्रगति को तेज कर सकती हैं।
शुक्रवार को वाणिज्य मंत्रियों की बैठक ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार प्रवाह और छोटे व्यवसायों के लिए वित्त और निवेश तक पहुंच बेहतर बनाने पर केंद्रित थी। गोयल ने कहा, "एजेंडा में हमारे द्विपक्षीय व्यापार, विशेष रूप से आयात और निर्यात में समन्वय करना और बैंकों व अन्य माध्यमों से MSMEs के लिए पर्याप्त वित्तपोषण और निवेश सुनिश्चित करना शामिल था।" उन्होंने कहा कि मंत्रियों ने डिजिटल तकनीकों के अधिक उपयोग के माध्यम से व्यापार प्रक्रियाओं को पेपरलेस बनाने और सिस्टम को सरल बनाने पर भी चर्चा की।
Updated on:
07 Aug 2026 09:18 pm
Published on:
07 Aug 2026 09:18 pm
