
ऋतब्रत बनर्जी(फोटो-ANI)
TMC: पश्चिम बंगाल में SIR के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मामलों को लेकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के 'बागी लेकिन बहुमत वाले' गुट के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि प्रभावित मतदाताओं की सुनवाई और आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए राज्य में अधिक क्षेत्रीय ट्रिब्यूनल स्थापित किए जाएं।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पार्टी से निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी ने किया। स्रोत के अनुसार, वह पश्चिम बंगाल विधानसभा में इस गुट के आधिकारिक नेता प्रतिपक्ष भी हैं। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि राज्य में फिलहाल केवल एक क्षेत्रीय ट्रिब्यूनल है, जो दक्षिण 24 परगना जिले के जोका में स्थित है। उनका कहना था कि उत्तर बंगाल के लोगों के लिए वहां पहुंचकर सुनवाई में शामिल होना या दस्तावेज जमा करना बेहद कठिन है।
ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि उनकी मांग है कि प्रत्येक जिले में अलग क्षेत्रीय ट्रिब्यूनल स्थापित किया जाए, ताकि प्रभावित मतदाताओं को राहत मिल सके। उन्होंने यह भी मांग की कि आवेदन जमा करने की समय-सीमा कम से कम छह महीने बढ़ाई जाए। उनका कहना था कि यदि सरकार इस मांग पर सहमत नहीं होती है, तो प्रभावित लोगों के साथ मिलकर बड़ा जन आंदोलन शुरू किया जाएगा।
बैठक में 'बागी गुट' के मुख्य सचेतक अखरुज्जमान भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि वह मतदाता सूची में अवैध या फर्जी मतदाताओं को शामिल किए जाने के पक्ष में नहीं हैं।हालांकि, उन्होंने कहा कि फर्जी मतदाताओं की पहचान की प्रक्रिया में किसी भी वैध नागरिक का नाम लिस्ट से नहीं हटना चाहिए। उनके अनुसार, बैठक में मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 7 लाख लोग आवेदन कर चुके हैं, लेकिन उनके आकलन के मुताबिक बड़ी संख्या में ऐसे मतदाता हैं जो अब भी पूरी प्रक्रिया को ठीक से नहीं समझ पाए हैं।
अखरुज्जमान ने कहा कि यदि वैध मतदाताओं के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यकता पड़ी, तो उनका गुट कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएगा।
Updated on:
07 Aug 2026 09:49 pm
Published on:
07 Aug 2026 09:44 pm
