
Rajasthan Cabinet Decision : डिप्टी सीएम डॉ. प्रेमचंद बैरवा व संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल। फोटो DIPR
Rajasthan Cabinet Decision : राजस्थान में सीएम भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में सरकारी कर्मचारियों की बीमा योजना में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया गया। बैठक के बाद डिप्टी सीएम डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में फैसलों की जानकारी दी। डिप्टी सीएम डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने बताया कि कर्मचारियों के हित में राजस्थान सरकारी कर्मचारी बीमा नियम, 1998 में मंत्रिमंडल ने संशोधन करने का निर्णय लिया है, जो 1 अप्रेल 2026 से प्रभावी होगा।
डिप्टी सीएम डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने बताया कि वर्तमान व्यवस्था के अनुसार राज्य कर्मचारी जिस वित्तीय वर्ष में सेवानिवृत होते हैं, उस वर्ष 1 अप्रेल को ही उनकी स्टेट इंश्योरेंस पॉलिसी भुगतान के लिए मैच्योर हो जाती है, जिसके कारण कर्मचारी सेवानिवृत्ति की वास्तविक तिथि तक बीमा कवरेज से वंचित रह जाता है। इस विसंगति को दूर करते हुए राजस्थान के अब सभी राज्य कर्मचारियों को उनकी वास्तविक सेवानिवृति तिथि तक निरंतर बीमा कवरेज उपलब्ध कराया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेम चन्द बैरवा ने बताया कि मंत्रिमंडल ने प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सुरक्षा, आजीविका संवर्धन और विकास की दिशा में विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एण्ड आजीविका मिशन (ग्रामीण) योजना प्रारम्भ करने की स्वीकृति दी है। यह योजना विकसित भारत और विकसित राजस्थान के विजन 2047 के अनुरूप ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर, समावेशी और दीर्घकालिक रूप प्रदान करेगी। इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के बेहतर अवसर तो उपलब्ध होंगे ही। साथ ही, जल संरक्षण, अवसंरचना निर्माण और आपदा प्रबंधन के कार्य करवाए जा सकेंगे।
उन्होंने बताया कि योजना में ग्रामीण परिवारों की रोजगार सुरक्षा में वृद्धि करते हुए वित्तीय वर्ष में 125 दिवस के रोजगार की वैधानिक गारंटी दी गई है। डिजिटल मॉनिटरिंग से पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की गई है। साथ ही, महिला एवं कमजोर वर्गों की भागीदारी को भी प्रोत्साहन दिया गया है।
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने बताया कि राज्य के श्रम ढांचे को सरल और आधुनिक बनाने के लिए राजस्थान औद्योगिक संबंध नियम, 2026 का मंत्रिमंडल ने अनुमोदन किया है। इन नए नियमों के अंतर्गत सभी प्रकार की श्रम अनुपालन एवं विवाद शिकायतों को पूरी तरह से ऑनलाइन पोर्टल्स पर स्थानांतरित किया जाएगा। औद्योगिक विवादों के त्वरित समाधान के लिए समय-सीमा तय की है और बातचीत करने वाली यूनियनों के निष्पक्ष चुनाव के लिए गुप्त मतदान प्रणाली अनिवार्य कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि कार्यस्थल पर शिकायत निवारण और कार्य समितियों के गठन व संचालन को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। व्यापार और व्यवसाय को सुगम बनाने के उद्देश्य से कर्मचारियों की छंटनी तथा फैक्ट्री बंद करने की कानूनी प्रक्रियाओं और उनके फॉर्म्स को पहले से कहीं अधिक सरल व पारदर्शी बनाया गया है।
Updated on:
07 Aug 2026 10:28 pm
Published on:
07 Aug 2026 10:28 pm
