राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा 5 दिसंबर को राजस्थान में आएगी और 15 दिनों तक कई जिलों से गुजरेगी। राहुल की यात्रा ऐसे वक्त पर हो रही है जब राजस्थान कांग्रेस में सबकुछ ठीक नहीं है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट की बीच सियासी तलवार खिंची हुई है।
मध्य प्रदेश में राहुल गांधी बीजेपी पर निशाना साध रहे है लेकिन राजस्थान कांग्रेस में उपजे विवाद पर उन्होंने गोलमोल जवाब दिया, राहुल ने अशोक गहलोत और सचिन पायलट को कांग्रेस का एसेट्स (Assets) बताया साथ ही बोले किसने किसको क्या कहा इस पर वो कोई बात नहीं करना चाहते। राहुल ने साफ किया उनका पूरा फोकस यात्रा पर है।
राजस्थान में राहुल गांधी की यात्रा से पहले गुर्जर समाज भी आक्रामक है उनकी यात्रा को राजस्थान में नहीं घुसने देने का दावा किया जा रहा है और गुर्जर समाज को मनाने की सरकार की पहली कोशिश भी नाकाम हो चुकी है। ऐसे राजस्थान में राहुल गांधी के लिए चुनौतियों की एक लंबी फेहरिस्त पहले से ही तैयार है।
विपक्ष राजस्थान सरकार के चार साल पूरे होने पर आक्रोश रैली निकाल गहलोत सरकार की नाकामियां गिना रहा है ऐसे में राहुल की भारत जोड़ो यात्रा राजस्थान इतनी आसानी से पूरी नहीं होगी, उनकी सबसे बड़ी चुनौती होगी गहलोत और पायलट में समन्वय बिठाना अगर ये काम नहीं हुआ तो अगले साल राजस्थान विधानसभा चुनाव में पार्टी को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।