जयपुर

Good News : राजस्थान को अतिरिक्त 175 और इलेक्ट्रिक बसें मिलीं, प्रमुख शासन सचिव ने दी जानकारी

Good News : राजस्थान के लिए बड़ी खुशखबर है। राजस्थान को 'पीएम ई-बस सेवा’ के तहत पहले केंद्र से 500 इलेक्ट्रिक बसें मिली थी। पर केंद्र ने 175 अतिरिक्त बसों का और आवंटन किया है। जानें और जानकारियां।

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स्वायत्त शासन विभाग के प्रमुख शासन सचिव टी. रविकांत व अन्य।

Good News :राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के विशेष प्रयासों के तहत अब अतिरिक्त 175 इलेक्ट्रिक बसों का और आवंटन किया गया है। इससे पहले केंद्र सरकार ने 500 बसों ​का आवंटन किया था। इसी कड़ी में स्वायत्त शासन विभाग के प्रमुख शासन सचिव टी. रविकांत ने निदेशालय में विभागीय अधिकारियों और स्थानीय निकायों के आयुक्त एवं अधिशासी अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए सिविल एवं विद्युत इन्फ्रास्ट्राक्चर, डिपो इंफ्रास्ट्रक्चर कार्य, की प्रगति एवं पूर्व में शहरों को आवंटित बसों के अतिरिक्त बसों के आवंटन को लेकर चर्चा की गई।

पहले 500, अब 175 अतिरिक्त इलेक्ट्रिक बसों का आवंटन

स्वायत्त शासन विभाग के प्रमुख शासन सचिव टी. रविकांत ने बताया कि पहले केंद्र से 500 इलेक्ट्रिक बसें मिली थी, लेकिन अब 175 अतिरिक्त बसों का और आवंटन किया गया है। जिसके तहत अजमेर को 50, जोधपुर को 50, कोटा को 50 और बीकानेर को 25 इलेक्ट्रिक बसों का आवंटन किया गया है।

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चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर को जल्द किया जाए डेवलप

प्रमुख शासन सचिव टी. रविकांत ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए डिस्काॅम्स के साथ चर्चा की जाए और पावर लाइन्स के लिए समन्वय के साथ उन्हें जल्द से जल्द डेवलप किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी कमिश्नर भूमि का मौका मुयाअना खुद करें और फील्ड में जाकर साइट्स को देखें, ताकि भूमि आवंटन संबंधी प्रक्रिया जल्द पूरी हो सके।

बेस्ट रूट्स पर फोकस कर सुगम बनाएं सफर

प्रमुख शासन सचिव टी. रविकांत ने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए शहरों में खासतौर पर भीड़ वाले इलाकों को चिह्नित किया जाए और बेस्ट रूट्स की पहचान की जाए, ताकि लोगों के सफर को सुगम बनाया जा सके।

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एक्स्पर्ट्स संग मिलकर बनाएं सुव्यवस्थित प्लानिंग

प्रमुख शासन सचिव टी. रविकांत ने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शहरी विकास को एक नई दिशा प्रदान करेगा। ऐसे में प्रोजेक्ट के साथ ट्रांसपोर्ट ऑपरेशन स्पेशलिस्ट जैसे एक्स्पर्ट्स को भी जोड़कर काम किया जाए। उन्होंने कहा कि निदेशालय स्तर पर शहरी ट्रांसपोर्ट सेल बनाई जाए, जो प्रोजेक्ट की सघन माॅनिटरिंग करे और पाॅलिसी लेवल मुद्दों पर अपनी राय रखे। उन्होंने नाॅन फेयर रेवेन्यू जैसे शाॅप्स आदि के लिए भी प्लान बनाने के लिए निर्देश दिए।

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Published on:
09 Aug 2024 07:47 pm
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