विक्रेताओं के मुताबिक 16 से 20 किलो वजन तक के बकरों के 15 हजार रु. भी नहीं देने को तैयार थे खरीदार... कहीं कहीं मिलना भी मुश्किल रहा..
दिल्ली/जयपुर. देशभर में बकरीद मनाई जा रही है। मुस्लिम समुदाय में खुशी और का माहौल है। यहां ईद-उल-जुहा से पहले बाजार में कुर्बानी के लिए बकरों की खरिदारी हुई। दूर दूर से पशुमालिक बकरों को लेकर मंडियों में पहुंचे। लेकिन इस बार बाजार में बिक्री के लिए बकरों के खरीदारों का रुझान कम दिखा। ऐसे में विक्रेताओ के मन में कइ सवाल उठने लगे। कुछ विक्रेताओं ने कहा— हर बार की तरह उन्हें उम्मीद थी कि हमारे बकरे अच्छी कीमतों पर बिकेंगे, लेकिन मोटे—हष्टपुष्ट पशु भी खरीदारों ने सामान्य दाम पर नहीं खरीदे।
इस बार व्यापार करीब आधा रह गया। साथ ही मुस्लिमों में कुर्बानी की रीति बदली बदली से नजर आ रही है। चूंकि 50 फीसदी से ज्यादा बाजार गिरा इस साल बकरीद पर। विक्रेता सलीम अहमद ने बताया कि 16 से 20 किलो वजन तक के बकरों के 15 हजार रुपये मिलना भी मुश्किल हो रहा है।
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