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MET GALA 2026 : ‘दादी’ गायत्री देवी की साड़ी पहनकर उतरीं ‘पोती’ गौरवी, ‘पोते’ पद्मनाभ का भी जलवा 

न्यूयॉर्क में आयोजित 'मेट गाला 2026' के रेड कार्पेट पर जयपुर के महाराजा सवाई पद्मनाभ सिंह और राजकुमारी गौरव कुमारी ने अपनी शाही उपस्थिति से पूरी दुनिया को मंत्रमुग्ध कर दिया।

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MET Gala Fashion Event 2026

MET Gala Fashion Event 2026

जब दुनिया के सबसे बड़े फैशन इवेंट 'मेट गाला' की बात आती है, तो जेहन में अजीबोगरीब और आधुनिक लिबास आते हैं। लेकिन 4 मई 2026 की रात न्यूयॉर्क के मेट्रोपॉलिटन म्यूजियम ऑफ आर्ट में कुछ ऐसा हुआ जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। जयपुर के पूर्व राजघराने की राजकुमारी गौरवी कुमारी और महाराजा सवाई पद्मनाभ सिंह ने जब अपनी एंट्री की, तो पेरिस से लेकर मिलान तक के फैशन एक्सपर्ट्स बस देखते रह गए। यह केवल एक वॉक नहीं था, बल्कि सात समंदर पार राजस्थान की कला, संस्कृति और इतिहास का एक भव्य प्रदर्शन था।

महारानी गायत्री देवी की यादें, गौरवी का 'विंटेज' अवतार

राजकुमारी गौरव कुमारी ने इस खास रात के लिए अपनी दादी और दुनिया की सबसे खूबसूरत महिलाओं में शुमार रहीं महारानी गायत्री देवी की एक शानदार शिफॉन साड़ी को चुना।

  • साड़ी से गाउन का सफर: डिजाइनर प्रबल गुरुंग ने इस गुलाबी रंग की विंटेज शिफॉन साड़ी को एक आधुनिक गाउन में रीवर्क किया, जिसमें बारीक सेक्विन वर्क किया गया था।
  • जौहरी बाज़ार की चमक: उन्होंने अपने लुक को पूरा करने के लिए मोतियों, कीमती माणिक (Rubies) और अनकट डायमंड्स का इस्तेमाल किया। शिफॉन साड़ी और मोतियों का यह मेल महारानी गायत्री देवी की सिग्नेचर स्टाइल को एक मौन श्रद्धांजलि थी।

600 घंटे की मेहनत और 'सूर्यवंशी' गौरव: पद्मनाभ सिंह

जयपुर पूर्व राजघराने के महाराजा सवाई पद्मनाभ सिंह ने साबित कर दिया कि राजस्थानी शिल्प कला का मुकाबला दुनिया का कोई भी ब्रांड नहीं कर सकता।

  • फूलगर कोट: प्रबल गुरुंग द्वारा डिजाइन किया गया उनका 'फूलगर कोट' मिडनाइट ब्लू मखमल (Velvet) पर आधारित था, जिसे तैयार करने में कारीगरों को 600 घंटे का समय लगा।
  • जरदोजी और आरी वर्क: इस कोट पर जरदोजी, आरी, रेशम और दबका की बारीक कढ़ाई की गई थी।
  • सिटी पैलेस का प्रतीक: महाराजा के आउटफिट में 'सूर्य' का एक मिरर मोटिफ था, जो जयपुर के सिटी पैलेस स्थित 'श्री निवास' से प्रेरित है और उनके सूर्यवंशी वंश को दर्शाता है।
  • जड़ाऊ हार: उनके लुक को जौहरी बाजार के प्रसिद्ध जड़ाऊ और पोलकी हारों ने मुकम्मल बनाया।

'Fashion Is Art': राजस्थान बना ग्लोबल मॉडल

इस साल के मेट गाला का ड्रेस कोड 'Fashion Is Art' और थीम 'Costume Art' था। जयपुर के इन शाही भाई-बहनों ने अपनी वेशभूषा के जरिए यह साबित कर दिया कि राजस्थान की सदियों पुरानी शिल्प कला वास्तव में एक जीवंत कला है। प्रबल गुरुंग और राजघराने के इस समन्वय ने ग्लोबल स्टेज पर राजस्थानी टेक्सटाइल और ज्वेलरी को एक नई ऊँचाई दी है।

क्या अब हॉलीवुड में भी चलेगा राजस्थानी 'जरदोजी' का जादू?

मेट गाला में जयपुर राजघराने की इस धमाकेदार एंट्री के बाद अब फैशन गलियारों में यह चर्चा तेज है कि क्या अंतरराष्ट्रीय लग्जरी ब्रांड्स अब राजस्थान के स्थानीय कारीगरों के साथ बड़े प्रोजेक्ट्स साइन करेंगे?