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Rajasthan Police : 2 करोड़ कीमत के 790 गुमशुदा मोबाइल बरामद, जानें आखिर क्या है Operation Recall?

जयपुर (पूर्व) पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ठगी के ₹3.85 करोड़ होल्ड करवाकर पीड़ितों को बड़ी राहत दी है।

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Jaipur Police

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पिंक सिटी में डिजिटल ठगों के बढ़ते नेटवर्क के बीच जयपुर (पूर्व) पुलिस ने एक ऐसी 'सर्जिकल स्ट्राइक' की है, जिसने अपराधियों के पसीने छुड़ा दिए हैं। ठगी की रकम अकाउंट से निकलने के बाद उसे वापस पाना लगभग असंभव माना जाता है, लेकिन जयपुर पुलिस ने तकनीकी सूझबूझ से न केवल करोड़ों रुपये होल्ड करवाए, बल्कि पीड़ितों के चेहरे पर मुस्कान भी लौटाई है।

जब पुलिस ने ठगों के हाथ से छीनी रकम

जयपुर (पूर्व) डीसीपी रंजीता शर्मा ने इस बड़ी कामयाबी का खुलासा करते हुए बताया कि 1 जनवरी से 30 अप्रैल 2026 के बीच साइबर सेल ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है:

  • ₹3.85 करोड़ होल्ड: पुलिस ने साइबर पोर्टल की मदद से ठगी और धोखाधड़ी की कुल ₹3,85,24,353 की रकम को अलग-अलग खातों में फ्रीज (होल्ड) करवाया।
  • रिफंड की राहत: होल्ड करवाई गई रकम में से ₹65,48,465 अब तक पीड़ितों के बैंक खातों में वापस लौटाई जा चुकी है।
  • म्यूल हंटर स्ट्राइक: पुलिस मुख्यालय के 'ऑपरेशन म्यूल हंटर' के तहत बजाज नगर और प्रताप नगर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो शातिर आरोपियों को दबोचने में सफलता पाई है।

'ऑपरेशन रिकॉल': ₹2 करोड़ के मोबाइल वापस लौटे

स्मार्टफोन आज हमारी जिंदगी और प्राइवेसी का सबसे बड़ा हिस्सा है। मोबाइल गुम होने पर उम्मीद छोड़ देने वाले लोगों के लिए पुलिस का 'ऑपरेशन रिकॉल' वरदान साबित हुआ है:

  1. 790 मोबाइल बरामद: इस साल के शुरुआती चार महीनों में पुलिस ने कुल 790 गुमशुदा और चोरी हुए मोबाइल रिकवर किए हैं।
  2. अप्रैल का धमाका: साइबर सेल एसीपी प्रियंका वैष्णव के नेतृत्व में जिला पुलिस ने समन्वय स्थापित कर अकेले अप्रैल महीने में 400 मोबाइल बरामद किए।
  3. करोड़ों की कीमत: बरामद किए गए इन 790 स्मार्टफोन्स की अनुमानित बाजार कीमत करीब ₹2 करोड़ बताई जा रही है।

सीआईआर (CEIR) पोर्टल: पुलिस का 'ब्रह्मास्त्र'

इस पूरी कार्रवाई में तकनीकी पोर्टल Central Equipment Identity Register CEIR ने अहम भूमिका निभाई है। पुलिस ने अलग-अलग राज्यों और राजस्थान के दूर-दराज के जिलों से लोकेशन ट्रेस कर इन मोबाइल्स को रिकवर किया। पीड़ितों को जब उनके खोए हुए कीमती फोन वापस मिले, तो पुलिस मुख्यालय में खुशी का माहौल देखने को मिला।

'चुप न बैठें, रिपोर्ट दर्ज कराएं'

डीसीपी रंजीता शर्मा ने आमजन से अपील की है कि मोबाइल गुम होने या चोरी होने पर उसे हल्के में न लें।

  • दुरुपयोग का खतरा: कई बार लोग रिपोर्ट नहीं करवाते, जिससे मोबाइल का उपयोग आतंकी गतिविधियों या साइबर ठगी में होने का खतरा रहता है।
  • निजी डेटा की सुरक्षा: आपके फोन में मौजूद निजी फोटो और जानकारी का गलत इस्तेमाल हो सकता है।
  • तुरंत कार्रवाई: मोबाइल गुम होते ही संबंधित थाने या साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं ताकि उसे तुरंत ब्लॉक और ट्रेस किया जा सके।