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Rajasthan SI Recruitment 2021 Cancelled: राजस्थान की एसआई भर्ती.2021 रद्द होने के बाद सिर्फ एक परीक्षा नहीं टूटी, बल्कि सैकड़ों युवाओं के सपने, संघर्ष और परिवारों की उम्मीदें भी बिखर गईं। जिन अभ्यर्थियों ने 8 से 10 साल तक दिन.रात मेहनत कर दरोगा बनने का सपना देखा था, उसके बाद वे दरोगा बन भी गए थे लेकिन आज वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिलने के बाद अब चयनित अभ्यर्थियों के सामने नौकरी, भविष्य और सम्मान तीनों का संकट खड़ा हो गया है।
जयपुर के कमल कुमार की कहानी हजारों युवाओं का दर्द बयान करती है। कमल ने 2013 में जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में सिपाही की नौकरी शुरू की थी, लेकिन सपना सिर्फ दरोगा बनने का था। उन्होंने नौकरी के साथ लगातार तैयारी जारी रखी। 2018 में परीक्षा दी, लिखित परीक्षा पास की लेकिन अंतिम सूची में नाम नहीं आया। बाद में शिक्षा विभाग में एलडीसी बने, परिवार और दो बच्चों की जिम्मेदारियों के बीच भी तैयारी नहीं छोड़ी। आखिरकार 2021 की एसआई भर्ती में चयन हुआ। दो साल की ट्रेनिंग और प्रोबेशन पीरियड पूरा कर लिया, लेकिन अब भर्ती रद्द होने से सब कुछ अधर में लटक गया। कमल कहते हैं कि सरकार और न्यायपालिका से उम्मीद थी कि निर्दोष अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी, लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि बिना गलती किए भी सजा मिल रही है।
जोधपुर की प्रियंका चौधरी ने कांस्टेबल भर्ती में टॉप किया था। पटवारी, आरएएस समेत कई परीक्षाओं में चयन हुआ, लेकिन उन्होंने सब छोड़कर एसआई बनने का फैसला किया। 187 दिन की कठिन ट्रेनिंग, चुनाव ड्यूटी और धार्मिक आयोजनों में लगातार काम करने के बाद अब उन्हें बताया जा रहा है कि नियुक्ति ही खत्म हो गई। प्रियंका कहती हैं कि 4200 ग्रेड पे की नौकरी के लिए सब कुछ छोड़ दिया। अब जब पुलिस सिस्टम का हिस्सा बन गए, तब नौकरी की खत्म हो गई।
झुंझुनूं की वंदना मूंड भी 8-9 साल की तैयारी के बाद एआई बनी थीं। उनका कहना है कि निर्दोष अभ्यर्थी राजनीति और सिस्टम की लड़ाई में पिस गए। दो साल की ट्रेनिंग और ड्यूटी के बाद दोबारा वही संघर्ष शुरू करना आसान नहीं है। कौन गारंटी देगा कि उम्र और फिजिकल फिर साथ देंगे।
दरअसल एसआई भर्ती 2021 में पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों के बाद राजस्थान हाईकोर्ट ने पूरी भर्ती प्रक्रिया रद्द कर नई परीक्षा कराने के आदेश दिए थे। अब सुप्रीम कोर्ट ने भी चयनित अभ्यर्थियों की याचिकाएं खारिज कर दी हैं। इसके साथ ही भर्ती रद्द रहने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। अब इन युवाओं की सबसे बड़ी मांग यही है कि दोषियों को सजा मिले, लेकिन निर्दोष अभ्यर्थियों के भविष्य को बचाने के लिए सरकार कोई रास्ता निकाले। हालांकि अब सारे रास्ते बंद होते नजर आ रहे हैं।
Published on:
05 May 2026 12:19 pm
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