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RAS Success Story: जब लोग रिटायर होकर रुक जाते हैं… तब इस कमांडो ने RAS में 5वीं रैंक हासिल कर ली

Ex Air force Commando Became RAS: RAS 2024 में सीकर के महावीर सिंह ने एक्स सर्विसमैन कोटे में 5वीं रैंक हासिल की। 20 साल एयरफोर्स कमांडो रहने के बाद रिटायरमेंट के बाद नई सफलता की कहानी।

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सीकर

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Jayant Sharma

Apr 28, 2026

रिटायर्ड कमांडो से आरएएस अफसर बनने का सपना पूरा करने वाले महावीर सिंह, फोटो - सोशल मीडिया

रिटायर्ड कमांडो से आरएएस अफसर बनने का सपना पूरा करने वाले महावीर सिंह, फोटो - सोशल मीडिया

Mahavir Singh RAS 2024 Success Story: जब ज्यादातर लोग रिटायरमेंट के बाद आराम की जिंदगी चुनते हैं, तब कुछ लोग अपनी दूसरी पारी में इतिहास लिखते हैं। राजस्थान के सीकर जिले के महावीर सिंह ने ऐसा ही कर दिखाया है। भारतीय वायुसेना में 20 साल तक गरुण कमांडो के रूप में देश की सेवा करने के बाद उन्होंने अब राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) 2024 में एक्स सर्विसमैन कोटे से शानदार 5वीं रैंक हासिल की है।

महावीर सिंह की यह सफलता सिर्फ एक परीक्षा पास करने की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस जज्बे की मिसाल है, जो वर्दी बदलने के बाद भी देश सेवा के उद्देश्य को कायम रखता है। खास बात यह है कि वे संयुक्त राष्ट्र मिशन के तहत कांगो जैसे अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

रिटायर होने के बाद जहां अधिकांश लोग आराम को प्राथमिकता देते हैं, वहीं महावीर सिंह ने एक नई शुरुआत का फैसला लिया। उन्होंने RAS की तैयारी की नींव सेवा के दौरान ही 2020 से ऑनलाइन क्लासेज के जरिए रख दी थी। इसके बाद जनवरी 2023 से उन्होंने पूरी गंभीरता के साथ तैयारी शुरू की। वे 31 दिसंबर 2022 को रिटायर हुए थे। उसके बाद से ही उन्होंने मकसद चुना और जुट गए।

इससे पहले भी वे RAS 2023 परीक्षा पास कर चुके थे, जिसमें उन्हें असिस्टेंट कमिश्नर GST का पद मिला था। लेकिन उनका लक्ष्य इससे कहीं बड़ा था। उन्होंने खुद को और बेहतर करने के लिए लगातार मेहनत जारी रखी और आखिरकार RAS 2024 में टॉप रैंक हासिल कर ली। अब उन्हें राजस्थान पुलिस सेवा में डिप्टी एसपी बनने की उम्मीद है।

पढ़ाई के लिए महावीर सिंह ने एक स्मार्ट रणनीति अपनाई। सोशियोलॉजी के लिए NCERT, NIOS और IGNOU की सामग्री को बेस बनाया। वहीं, अकाउंटिंग और मैनेजमेंट जैसे विषयों के लिए भी NCERT पर भरोसा रखा। इकोनॉमिक्स के लिए उन्होंने UPSC लेवल के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स से कंटेंट लिया, जबकि राजस्थान की अर्थव्यवस्था के लिए इकोनॉमिक सर्वे का गहराई से अध्ययन किया।

करंट अफेयर्स के लिए अखबारों और विश्वसनीय स्रोतों पर फोकस रखा, जबकि राजस्थान इतिहास और संस्कृति के लिए स्कूल लेवल की किताबों के साथ-साथ अतिरिक्त पुस्तकों की मदद ली।

महावीर सिंह की कहानी यह साबित करती है कि अनुभव कभी रुकावट नहीं होता, बल्कि सफलता की नई राह बनाता है। उनकी यह उपलब्धि आज के युवाओं के लिए एक मजबूत संदेश है—अगर इरादा पक्का हो, तो जिंदगी की दूसरी पारी भी पहली से ज्यादा शानदार हो सकती है।