
Suvendu Adhikari and Rajendra Rathore
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे देश की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत कर रहे हैं। लेकिन इस पूरी चुनावी जंग में सबसे बड़ा 'उलटफेर' जिस सीट पर हुआ, वह थी भवानीपुर। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को उनके ही गढ़ में मात देने वाले भाजपा के शुभेंदु अधिकारी ने अपनी जीत का श्रेय खुद लेने के बजाय राजस्थान के एक ऐसे नेता को दिया है, जिसे राजनीति का मंझा हुआ खिलाड़ी माना जाता है। ये नाम है राजेंद्र राठौड़।
जीत के बाद मीडिया से मुखातिब हुए शुभेंदु अधिकारी भावुक नज़र आए। उन्होंने अपनी सफलता की पहली ही प्रतिक्रिया में राजस्थान के वरिष्ठ भाजपा नेता राजेंद्र राठौड़ का नाम लेकर सबको चौंका दिया।
राजेंद्र राठौड़ पिछले कई महीनों से राजस्थान की राजनीति से दूर पश्चिम बंगाल की गलियों में भाजपा के लिए जमीन तैयार कर रहे थे।
8 विधायकों की टीम: राठौड़ अकेले नहीं थे, उनके साथ राजस्थान के 8 विधायकों की टीम थी, जिन्होंने भाषा और संस्कृति की बाधा को पार करते हुए बंगाल के लोगों का दिल जीता।
रणनीतिक जीत: भवानीपुर में ममता बनर्जी जैसी दिग्गज को हराने की रणनीति तैयार करना आसान नहीं था, लेकिन राठौड़ के चुनावी अनुभव ने इसे मुमकिन कर दिखाया।
जीत पर राजेंद्र राठौड़ ने कहा, "यह जनादेश स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि जनता का विश्वास भाजपा की विकासपरक नीतियों में निरंतर बढ़ रहा है। यह कार्यकर्ताओं की मेहनत और लोकतंत्र की शक्ति का प्रतीक है।"
बंगाल फतह के बाद राजेंद्र राठौड़ का कद राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ गया है। राजस्थान के राजनीतिक हलकों में अब यह चर्चा आम है कि जिस नेता ने बंगाल में मुख्यमंत्री को हराने की पटकथा लिखी, उसकी राजस्थान वापसी पर भाजपा उन्हें क्या बड़ी जिम्मेदारी देगी? क्या यह जीत राठौड़ के लिए किसी नए 'रॉयल' पद की शुरुआत है?
भवानीपुर सीट पर मुकाबला बेहद कड़ा था, लेकिन अंततः लोकतंत्र की शक्ति ने अपना फैसला सुनाया।
भवानीपुर की यह जीत महज एक ट्रेलर थी। पूरे पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में भाजपा-एनडीए ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है।
Updated on:
05 May 2026 10:44 am
Published on:
05 May 2026 10:25 am
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