
जेईएन भर्ती का पेपर लीक करने के मामले में एसओजी ने एक दिन पहले अध्यापक सहित तीन सरकारी कर्मचारी गिरफ्तार किए हैं। इसी तरह रीट और वरिष्ठ अध्यापक जैसे पेपर लीक कराने में मुख्य आरोपी सरकारी कर्मचारी तो थे ही, पेपर हथियाने के लिए भी बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारी लाइन में लगे थे। पुलिस पेपर लीक की चार घटनाओं में ऐसे 50 से अधिक कर्मचारियों को गिरफ्तार किए गए। गिरफ्तार आरोपियों में सबसे अधिक शिक्षक व व्याख्याता हैं। इसमें से 11 कर्मचारी तो वर्तमान सरकार के समय गिरफ्तार किए गए हैं। रीट पेपर लीक मामले में कर्मचारी अपनों के लिए कुछ ऐसे हुए लिप्त...
पहले केवल निलम्बन, फिर बर्खास्तगी
वर्ष 2021 की रीट परीक्षा में गिरफ्तार करीब 23 सरकारी कर्मचारियों को मात्र निलम्बित किया था। इनके खिलाफ विभागीय जांच जारी है। वर्ष 2022 के वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा पेपर लीक में जब आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा की भूमिका सामने आई तो सरकार ने बर्खास्तगी शुरू की। अब तक 12 कर्मचारी बर्खास्त किए जा चुके हैं।
लापरवाही भी आई सामने
मिलीभगत के साथ कुछ कर्मचारी लापरवाही के लिए गिरफ्तार किए गए। पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में लापरवाही पर पुलिस निरीक्षक राजेन्द्र प्रसाद व सहायक उपनिरीक्षक रतन लाल गिरफ्तार किए गए।
एसओजी ने शुरू की ट्रेकिंग
गिरफ्तार कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई के लिए एसओजी ने ट्रेकिंग शुरू कर दी है। इसके लिए सम्बंधित विभाग को पत्र लिखकर विभागीय जांच पूरी करने को कहा है ताकि आरोपी पर कार्रवाई हो। इस परीक्षा में इतने सरकारी कर्मचारी गिरफ्तार रीट पेपर लीक 2021 गिरफ्तार कर्मचारी 23 वरिष्ठ अध्यापक परीक्षा 2022 गिरफ्तार कर्मचारी 14 जेईएन भर्ती पेपर लीक गिरफ्तार कर्मचारी ०7 पुलिस कांस्टेबल भर्ती गिरफ्तार कर्मचारी ०3 ये गिरफ्तारी एसओजी में हुई है। इसके अलावा दस से अधिक गिरफ्तारी अलग-अलग जिलों में हुई है।