
राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने राजस्थान की 15वीं विधानसभा के आठवें सत्र का सोमवार को सत्रावसान कर दिया है। अब नए साल में नई सरकार सदन चलाएगी। इस विधानसभा की आखिरी बैठक 2 अगस्त 2023 को हुई। अब चुनाव के बाद 16वीं विधानसभा के पहले सत्र में ही सदन चलेगा, जिसमें कुछ मौजूदा विधायकों के साथ नए चेहरे भी दिखेंगे। 15वीं विधानसभा के दौरान आठ सत्र हुए। पूरे साल एक ही सत्र चलने पर विपक्ष से लेकर राज्यपाल तक ने कई बार आपत्ति जताई। राजस्थान की 15वीं विधानसभा के 23 जनवरी को शुरू हुई।
15वीं विधानसभा के तहत कुल 30 बैठकें और कुल 147 दिन सदन चला। जो 8वीं विधानसभा के बाद के 33 साल में सर्वाधिक था। 8वीं विधानसभा की कार्यवाही 180 दिन चली। उसके बाद सीएम अशोक गहलोत के पहले कार्यकाल में सर्वाधिक 143 दिन कार्यवाही चली। पहली विधानसभा से अब तक का इतिहास देखा जाए तो सर्वाधिक 306 दिन 1957 से 1962 के बीच दूसरी विधानसभा में कार्यवाही चली थी।
15वीं विधानसभा का लेखा जोखा
■ सदन की कार्यवाही- 1068 घंटे
■ विधायकों ने प्रश्न भेजे 44662
■ प्रश्न सूचीबद्ध हुए- 5225
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पहली विधानसभा, जिसमें उपाध्यक्ष नहीं
यह पहली ऐसी विधानसभा रही, जिसमें किसी को उपाध्यक्ष नहीं बनाया गया। इससे पहले हर विधानसभा में उपाध्यक्ष बनता रहा है।
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