
जयपुर. मॉडिफाइड लॉकडाउन में पास जारी कराने की लम्बी जद्दोजहद और घोषणापत्रों की पेचीदा औपचारिकताओं के बावजूद प्रदेश में 1400 से अधिक उद्यमी अपनी इकाइयां संचालित करने के लिए आगे बढ़े हैं।
नए आंशिक लॉकडाउन के बीते दो दिनों में उद्योग विभाग ने उद्योगपतियों के आवेदन पर 1437 नए उद्यमों को संचालित करने की अनुमति जारी की है। इसके अलावा करीब एक हजार इकाइयां ऐसी हैं, जिन्होंने उद्योग विभाग के कन्ट्रोल रूम से अपनी समस्याओं को लेकर सलाह मांगी है। सूत्रों के अनुसार स्वयं मुख्यमंत्री के स्तर पर प्रदेश में खुल रही इकाइयों और इनमें रेाजगार के हालात को लेकर समीक्षा की जा रही है। उद्योग विभाग ने भी आॅनलाइन पास के साथ अनुमति देने की प्रक्रिया को अगले कुछ दिनों तक के लिए आॅफलाइन भी शुरु किया है।
मंगलवार रात तक जारी हुई 1437 अनुमतियों में से 573 इकाइयों को उद्योग केन्द्रों और रीको की ओर से आॅफलाइन माध्यम से मंजूरी दी गई। जबकि 862 इकाइयों ने आॅनलाइन अनुमति ली है। सरकार ने रविवार को आंशिक लॉकडाउन के लिए नई गाडइलाइन जारी कर अनुमत श्रेणी के उद्योग और इन्हें संचालित करने के कायदे बताए थे।
30—35 प्रतिशत ही मजदूर उपलब्ध
उद्योग संचालन में सरकार की रियायत के बावजूद प्रदेश की औद्योगिक इकाइयों के सामने मजदूरों का संकट बरकरार है। सीआईआई, राजस्थान के निदेशक नितिन गुप्ता के अनुसार प्रदेश की इकाइयों में 60 से 70 प्रतिशत मजदूर बिहार, यूपी और प.बंगाल जैसे बाहरी राज्यों के काम कर रहे थे। कोरोना संकट के दौरान इनके पलायन के कारण अब उद्योगों को उपलब्ध सिर्फ 30—35 प्रतिशत श्रमिक बल से ही काम चलना पड़ेगा। हालांकि गुप्ता का कहना है कि मौजूदा हालात में सोशल डिस्टेंसिंग की जरूरत को देखते हुए कम कार्यबल से इकाइ संचालित करना बेहतर होगा।
सरकार को 40 हजार रोजगार की आशा
मॉडिफाइड लॉकडाउन में सरकार को अगले दिनों में प्रदेश की औद्योगिक इकाइयों में चालीस हजार तक मजदूरों को रोजगार मिलने की का अनुमान है। उद्योग विभाग के अधिकारियों के अनुसार अगले कुछ दिनों में करीब तीन—चार हजार और इकाइयों को संचालन की अनुमति मिल सकती है। इसमें 30—40 हजार अतिरिक्त श्रमिकों को रेाजगार मिलेगा।