
जयपुर। करधनी थाना पुलिस ने जेल से संचालित किए जा रहे रंगदारी के एक नेटवर्क का खुलासा करते हुए शिवराज गैंग के दो गुर्गों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि वर्ष 2022 के बहुचर्चित विजेंद्र सिंह उर्फ गुलाबबाड़ी हत्याकांड का आरोपी शिवराज सिंह जुसरिया जेल में रहते हुए नई गैंग तैयार कर स्थानीय व्यापारियों से रंगदारी वसूलने की साजिश रच रहा था। हालांकि गैंग वसूली शुरू कर पाती, उससे पहले ही पुलिस ने उसके दो साथियों को पकड़ लिया।
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पुलिस ने साकेत नगर निवासी रणजीत सिंह उर्फ रणसा और अभिषेक कुमावत को गिरफ्तार किया। पुलिस ने दोनों से पूछताछ के बाद मामले के मुख्य सरगना शिवराज सिंह जुसरिया को भी पूछताछ के लिए प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी रणजीत और अभिषेक को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। दोनों लगातार जेल में बंद शिवराज गैंग के बदमाशों के संपर्क में थे और उनके निर्देश पर स्थानीय व्यापारियों से रंगदारी वसूलने की साजिश रच रहे थे।
गौरतलब है कि करधनी इलाके में विजेंद्र सिंह गुलाबबाड़ी पर बदमाशों ने हमला किया था। विजेंद्र सिंह पर लाठी, सरिए और चाकू आदि से हमला किया गया था। इसके बाद विजेंद्र सिंह को घायलवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उपचार के दौरान विजेंद्र सिंह की मौत हो गई थी। पुलिस ने हत्या के आरोप में मुख्य आरोपी सागर सिंह को गिरफ्तार किया था। जो पहले महावीर मीणा हत्याकांड में शामिल था।
इसके अलावा जितेंद्र सिंह हुलढाणी, दुर्गेश सिंह चंद्रावत, शैलेंद्र सिंह उर्फ नागर सिंह राठौड़ उर्फ सोनू को गिरफ्तार किया। इससे पहले रैकी करने के आरोप में बलदीप सिंह राठौड़, विजय सिंह को गिरफ्तार किया गया था। विजेंद्र सिंह की हत्या से पहले आरोपियों ने पूरा मर्डर प्लान बना लिया था। जिसके बाद फरारी काटने के लिए आरोपियों ने पहले से ही विद्याधर नगर, भांकरोटा, जगतपुरा, मानसरोवर में किराए के फ्लेट लिए थे।
इससे पूर्व राजधानी जयपुर के जयसिंहपुरा खोर थाना इलाके में हुए एक सनसनीखेज अंधे मर्डर केस का पुलिस ने महज चार घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने इस बेरहम हत्याकांड के आरोप में मृतक के सगे भतीजे और उसके एक साथी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पहचान छुपाने की नीयत से मृतक का चेहरा पत्थरों से बुरी तरह कुचल दिया था। पुलिस की तकनीकी टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए करीब 750 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसके बाद इस खौफनाक वारदात का खुलासा हो सका। दोनों आरोपी वारदात को अंजाम देकर बिहार भागने की फिराक में थे।