जयपुर

Hanuman Beniwal : जंतर-मंतर पहुंचे RLP सांसद, NEET पेपर लीक पर बोले- ‘छात्रों के लिए लाठी खाने को हूं तैयार’

नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल NEET पेपर लीक और शिक्षा सुधारों के लिए दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे। छात्रों के संसद मार्च और CJP आंदोलन को दिया समर्थन।
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Jul 20, 2026
Hanuman Beniwal Joins Student Protest at Jantar Mantar Over NEET Paper Leak
Hanuman Beniwal Joins Student Protest at Jantar Mantar

देशभर में लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों और NEET प्रवेश परीक्षा में सामने आई कथित धांधली को लेकर दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर देश के युवाओं और छात्रों का आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विभिन्न छात्र संगठनों के बैनर तले जारी इस विशाल जनआंदोलन को राजस्थान के नागौर से सांसद और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के राष्ट्रीय संयोजक हनुमान बेनीवाल ने अपना समर्थन दे दिया है। संसद की सर्वदलीय बैठक समाप्त होते ही बेनीवाल सीधे जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे छात्रों के बीच पहुंचे और उनके साथ मंच साझा किया।

बेनीवाल ने मंच से केंद्र सरकार को सीधी चेतावनी दी और कहा कि वह छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। आज 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च से ठीक पहले बेनीवाल की इस मौजूदगी से राजधानी दिल्ली और राजस्थान के राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।

बेनीवाल बोले- "लाठियों से डरने वाले नहीं"

जंतर-मंतर पर जुटे हजारों युवाओं को संबोधित करते हुए सांसद हनुमान बेनीवाल ने सरकार की नीतियों और प्रशासनिक रवैये पर तीखे प्रहार किए।

बेनीवाल ने बताया कि संसद के आगामी मानसून सत्र से पहले बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के सामने देश के पेपर लीक मामलों, NEET विवाद और जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।

बेनीवाल ने जोश भरे अंदाज में कहा, "हम लाठियों और दमनकारी नीतियों से डरने वाले लोग नहीं हैं। अगर इस देश के युवाओं, छात्रों और अभ्यर्थियों के हक के लिए लाठियां खानी पड़ीं, तो मैं भी उनके साथ आगे खड़ा होकर लाठी खाने को तैयार हूं।"

'दबाई नहीं जा सकती जनता और युवाओं की आवाज'

धरना स्थल से रवाना होने से पहले सांसद हनुमान बेनीवाल ने एक प्रेस नोट और सोशल मीडिया के जरिए अपना रुख साफ किया। उन्होंने कहा कि भारत जैसे महान लोकतंत्र में जनता, किसानों, कर्मचारियों और युवाओं की आवाज को ताकत के बल पर दबाया नहीं जा सकता। शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को रखना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है।

बेनीवाल ने दोहराया कि वह राजस्थान और देश के युवाओं के हर छोटे-बड़े संघर्ष में पहले भी साथ खड़े रहे हैं और आगे भी अन्याय के खिलाफ मजबूती से लड़ते रहेंगे।

क्या हैं CJP और छात्रों की प्रमुख मांगें?

जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से हजारों छात्र और युवा इकट्ठा हैं, जिनकी मांगें सीधे तौर पर देश के शैक्षणिक ढांचे और प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता से जुड़ी हैं।

छात्रों का सबसे बड़ा विरोध देश में बार-बार हो रहे भर्ती परीक्षा और NEET पेपर लीक केस को लेकर है। वे पूरी परीक्षा प्रणाली की निष्पक्ष जांच और राष्ट्रीय स्तर पर कड़े कानून की मांग कर रहे हैं।

प्रदर्शनकारी छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और पूरी शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने पर अड़े हुए हैं।

सोनम वांगचुक को मिला था जनसमर्थन

प्रसिद्ध शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी इन मांगों के समर्थन में आमरण अनशन पर बैठे थे। हालांकि, तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें दिल्ली पुलिस द्वारा सफदरजंग अस्पताल शिफ्ट कर दिया गया था।

विपक्ष के बड़े चेहरों का जमावड़ा

जंतर-मंतर पर चल रहा यह आंदोलन अब केवल छात्रों तक सीमित न रहकर एक बड़े सामाजिक और राजनीतिक मंच का रूप ले चुका है।

चंद्रशेखर आजाद (सांसद, नगीना): आजाद समाज पार्टी के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आजाद भी आधी रात को आंदोलनकारी छात्रों के बीच पहुंचे और सड़क पर बैठकर उनका हौसला बढ़ाया।

अभिनेता प्रकाश राज: सुप्रसिद्ध अभिनेता प्रकाश राज ने भी मंच से बोलते हुए छात्रों की मांगों को पूरी तरह से जायज ठहराया और उनके लोकतांत्रिक अधिकार का समर्थन किया।

सांसद इकरा हसन: कैराना से सांसद इकरा हसन ने भी CJP के इस मंच से अपनी बात रखी और देश के युवाओं की बेरोजगारी व पेपर लीक समस्या पर केंद्र सरकार को घेरा।

'संसद मार्च' का ऐलान, जंतर-मंतर छावनी में तब्दील

आंदोलनकारी छात्रों और CJP के पदाधिकारियों ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद भवन की तरफ एक शांतिपूर्ण 'संसद मार्च' निकालने की घोषणा की है।

संसद मार्च के ऐलान को देखते हुए दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने जंतर-मंतर और लुटियंस दिल्ली के आसपास के सभी रास्तों पर भारी बैरिकेडिंग कर दी है।

प्रदर्शनकारियों को किसी भी हाल में संसद की ओर बढ़ने से रोकने के लिए धारा 163 (पुरानी धारा 144) लागू कर दी गई है और सुरक्षा बलों की तैनातियां बढ़ा दी गई हैं।

Updated on:
20 Jul 2026 08:47 am
Published on:
20 Jul 2026 08:47 am