
Hanuman Beniwal : जयपुर के बगरू के कंवरपुरा प्राथमिक विद्यालय में सीजेपी कार्यकर्ताओं पर हुए हमले और गाड़ियों में तोड़फोड़ के मामले को लेकर माहौल गरमाया हुआ है। राजस्थान के राजनीतिक गलियारों में माहौल गरम हो चला है। इस मामले में सीएम भजनलाल शर्मा से आरएलपी सुप्रीमो व नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने सवाल पूछते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा राजस्थान में अब सवाल पूछना भी अपराध हो गया है क्या?
आरएलपी सुप्रीमो व नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने सोशल मीडिया अकाउंट X पर लिखा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा राजस्थान में अब सवाल पूछना भी अपराध हो गया है क्या? जयपुर जिले में सरकारी स्कूल की बदहाल व्यवस्था की हकीकत देखने पहुंचे CJP से जुड़े लोगों पर जिस तरह हमला हुआ, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। जिस स्कूल की तस्वीरें सामने आई हैं, वे राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था के दावों की पोल खोलने के लिए पर्याप्त हैं।
हनुमान बेनीवाल ने लिखा कि लेकिन सवाल यह है कि जब कोई व्यक्ति सरकारी व्यवस्था की कमियां सामने लाता है तो उसे जवाब देने के बजाय डराने-धमकाने और हमला करने की नौबत क्यों आती है? मैंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी यही सवाल उठाया था कि लोकतंत्र में असहमति अपराध नहीं है और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाना गुनाह नहीं है। जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाने वाले युवाओं, महिलाओं और आंदोलनकारियों पर बल प्रयोग का मैंने विरोध किया था।
हनुमान बेनीवाल ने लिखा कि अब राजस्थान में भी वही सवाल खड़ा है कि क्या सरकार के खिलाफ सवाल उठाने वालों की आवाज दबाने के लिए सत्ता का संरक्षण प्राप्त लोगों को खुली छूट दे दी गई है?
हनुमान बेनीवाल ने लिखा कि बीकानेर जिले के नोखा क्षेत्र में सरकारी स्कूलों में बच्चों की मौत का मामला हो या झालावाड़ में हुई स्कूल त्रासदी, राजस्थान के अलग-अलग जिलों से सरकारी स्कूलों की बदहाली और लापरवाही की भयावह तस्वीरें लगातार सामने आती रही, माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय ने भी सरकारी स्कूलों की जर्जर स्थिति और बुनियादी सुविधाओं की कमी पर गंभीर चिंता व्यक्त की मगर भाजपा सरकार ने सबक नहीं लिया।
अगर सरकारी स्कूलों की बदहाली सामने लाना अपराध है, तो सरकार को यह बताना चाहिए कि स्कूलों की हालत सुधारने के बजाय सवाल उठाने वालों को डराने की कोशिश क्यों हो रही है? घटना के 24 घंटे बाद भी भारतीय जनता पार्टी के नेताओं द्वारा हमले को सही बताने की कोशिश करना यह स्पष्ट करता है कि मुख्यमंत्री के इशारे पर यह घटनाक्रम हुआ था।
हनुमान बेनीवाल ने लिखा कि मेरी मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच हो, हमले के सभी दोषियों पर तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई हो।