जयपुर

देशभक्ति की मिसाल बने शहीद हवलदार हंसराज, आज भी प्रेरित करती है शहादत

Jul 26, 2026
Rajasthan

करगिल दिवस आज
विद्यालय में प्रेरणा बनी प्रतिमा
दूनी. निवारिया गांव निवासी महार रेजिमेंट के हवलदार (तत्कालीन हवलदार लांस नायक) शहीद हंसराज जाट की शहादत आज भी क्षेत्र के युवाओं में देशभक्ति का जज्बा जगाती है। अवकाश के दौरान गांव आने पर वे पुत्र, परिजनों, मित्रों और ग्रामीणों को सेना के साहसिक किस्से सुनाकर देशसेवा के लिए प्रेरित करते थे। उनका कहना था कि मृत्यु सभी को आनी है, लेकिन देश के लिए प्राण न्योछावर करने का सौभाग्य हर किसी को नहीं मिलता। 5 नवम्बर 2000 को जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में आतंकवादियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन के दौरान यह बात सच साबित हुई, जब आतंकवादियों से लोहा लेते हुए हुए विस्फोट में वे वीरगति को प्राप्त हो गए।

शहीद की वीरांगना लाड़ देवी आज भी अपने पति की शहादत पर गर्व महसूस करती हैं। उनका कहना है कि पति की वर्दी, तस्वीरें और उनसे जुड़ी स्मृतियां परिवार को हमेशा देशसेवा के लिए प्रेरित करती हैं।

पत्नी को लिखा था—‘पांच दिन बाद आ रहा हूं’

सर्च ऑपरेशन पर जाने से पहले शहीद हंसराज जाट ने पत्नी लाड़ देवी को पत्र लिखकर पांच दिन बाद घर आने की बात कही थी। नियति को कुछ और ही मंजूर था। वे घर नहीं लौट सके और उनकी शहादत का समाचार ही गांव पहुंचा। शहीद के पुत्र गजेन्द्र सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने पिता की प्रतिमा बनवाई, जिसका 18 अप्रेल 2003 को तत्कालीन मुख्यमंत्री ने अनावरण किया। बाद में प्रतिमा पर छतरी का निर्माण भी कराया गया। शहीद के पिता गोपीलाल का निधन बचपन में तथा माता श्रृंगारी देवी का वर्ष 2005 में निधन हो गया।

विद्यालय में स्थापित प्रतिमा देती है प्रेरणा

निवारिया स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय का नाम शहीद हंसराज जाट के नाम पर रखा गया है। विद्यालय परिसर में स्थापित उनकी प्रतिमा विद्यार्थियों, शिक्षकों और ग्रामीणों को देशभक्ति की प्रेरणा देती है। राष्ट्रीय पर्वों पर विद्यालय परिवार तथा अन्य अवसरों पर परिजन प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करते हैं।



फोटो-डीएन2607सीबी

दूनी. निवारिया के विद्यालय में शहीद हंसराज जाट की प्रतिमा।

फोटो-डीएन2607सीसी

दूनी. निवारिया निवासी शहीद हंसराज जाट।

Updated on:
26 Jul 2026 06:01 am
Published on:
26 Jul 2026 06:01 am