
जयपुर। गुलाबी नगर के आसमां पर छाई काली घटाएं रविवार को जमकर बरसीं। पिछले तीन दिन से शहर के अलग-अलग इलाकों में हो रही छितराई बारिश के बाद रविवार को पूरे शहर में झमाझम हुई। काली घटाओं से दिन में अंधेरा छा गया। सडकों पर वाहन चालकों को लाइट जलानी पड़ी। वहीं मौसम खुशनुमा हो गया। इस दौरान कलक्ट्रेट पर करीब दो इंच बारिश दर्ज की गई। खास बात है कि अपराह्न तीन से चार बजे तक एक घंटे में ही एक इंच बारिश हुई। वैसे, रविवार को बारिश का दौर तो सुबह आठ बजे से शुरू हो गया था, लेकिन बूंदाबांदी के रूप में। दोपहर 12 बजे से शहर के आधे हिस्से में बारिश शुरू हो गई। इसके बाद तीन बजे पूरे शहर में मेघ बरसे। उमड़-घुमडकऱ आईं काली घटाओं ने रविवार दोपहर गुलाबीनगर को इस तरह आगोश में लिया कि दिन में ही अंधेरा छा गया। सडक़ों पर चलते वाहनों की हैड लाइटें चालू करनी पड़ीं।
24 घंटे में 10 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
राजधानी में अधिकतम 33.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में जयपुर सहित 10 जिलों अलवर, भरतपुर, दौसा, करौली, कोटा, अजमेर, सवाईमाधोपुर, सीकर, उदयपुर में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। श्रीगंगानगर में 37.5 डिग्री पारा दर्ज किया गया।
वाहनों की रफ्तार थम गई
राजधानी में परकोटा, टोंक रोड, रेलवे स्टेशन, खासाकोठी, स्टेच्यू सर्किल, जेएलएन मार्ग, वैशाली नगर, खातीपुरा, राजापार्क, आगरा रोड, दिल्ली रोड सहित कई इलाकों में जोरदार बारिश हुई। इससे सडक़ें लबालब हो गई। परकोटा में सडकों पर पानी भरने से यातायात प्रभावित हो गया। वाहनों की रफ्तार थम गई। वहीं ट्रैफिक रेंग—रेंग कर चलता रहा। इससे दो से तीन किमी तक जाम की स्थिति बनी। रविवार को दिनभर हुई बारिश के बाद शाम को लोगों को गर्मी से राहत मिली। लोगों ने छुट्टी का लुत्फ उठाया। शाम को लोग सैर सपाटे के लिए निकल गए। इधर, सांगानेर एयरपोर्ट पर एक इंच बारिश दर्ज की गई।
द्रव्यवती नदी: बारिश में फिर खुली पोल, कई जगह बही मिट्टी
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के ड्रीम प्रोजेक्ट द्रव्यवती नदी को पूरा करने में जेडीए कितनी जल्दबाजी दिखा रहा है। इस बात का सुबूत रविवार को एक बार फिर देखने को मिला। दोपहर बाद हुई तेज बारिश से एक बार फिर द्रव्यवती नदी के निर्माण की पोल खुल गई। सुशीलपुरा-बजरंग कॉलोनी के पास पानी का बहाव नदी की मिट्टी तक को बहा ले गया। हालांकि विभागीय अधिकारी इस नाकामी को छिपाने की कोशिश करते रहे।
जेडीए के अधीशासी अभियंता दीपक माथुर ने कहा कि सुशीलपुरा में नदी को किसी भी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ है। जबकि हकीकत में यहां पर जिस हिस्से की मिट्टी बही थी, वहां पर बारिश बंद होने के बाद जेसीबी से मिट्टी भरने का काम शुरू कर दिया था।