
स्कूल में बच्चे ड्रेस कोड में ही आने चाहिए। अगर वे हिजाब या बुर्का पहनकर आएंगे तो कल को हमारे बच्चे भी लहंगा-चुन्नी या कोई और ड्रेस कोड लगाकर आएंगे। ऐसे स्कूल कैसे चलेगा। यह कहना है भाजपा के विधायक बालमुकुंदाचार्य का। विधायक ने हिजाब विवाद पर एक वीडियो जारी किया है। गौरतलब है कि जयपुर में सोमवार को विधायक के खिलाफ सरकारी स्कूूल की छात्राओं ने सुभाष चौक थाने पर नारेबाजी की और रास्ता जाम किया। करीब छह घंटे तक प्रदर्शन चलता रहा। बाद में पुलिस अधिकारियों ने विधायक रफीक खान व अमीन कागजी से बातचीत कर मामला शांत करवाया।
यह है मामला
जानकारी के अनुसार 27 जनवरी को बालमुकुंदाचार्य गंगापोल स्थित सरकारी स्कूल एक कार्यक्रम में पहुंचे थे। यहां कुछ छात्राओं को हिजाब में देखकर विधायक ने प्राचार्य से बातचीत की थी। जिसके चलते सोमवार को छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन किया। छात्राओं का कहना था कि हिजाब को लेकर बालमुकुंदाचार्य ने टिप्पणी की थी और जय सियाराम के नारे लगवाए थे। छात्राओं के साथ उनके परिजन भी मौजूद थे। वे बालमुकुंदाचार्य के खिलाफ मामला दर्ज करने और मांगी मांगने की मांग कर रहे थे। बाद में पुलिस ने समझा-बुझाकर जाम हटवा मामला शांत करवाया।
विधायक ने जारी किया वीडियो
पूरे विवाद पर विधायक बालमुकुंदाचार्य ने एक वीडियो जारी किया। जिसमें उन्होंने कहा कि: मेरे इष्ट प्रभु राम व हनुमानजी हैं। किसी से अभिनंदन व उदबोधन में भगवान का नाम लेता हूं। इस पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल से पूछा था कि मेडम अपने यहां दो प्रकार की ड्रेस पहनने का प्रावधान है ? तब उन्होंने कहा कि मानते ही नहीं है। छोटी बच्चियां हिजाब व बुर्का में थीं। स्कूल में सभी के लिए नियम एक होने चाहिए। हमारे बच्चे भी लहंगा चुन्नी या अलग अलग कलरफुल ड्रेसकॉड में आएंगी। ऐसे स्कूल में चलेगा। राजनीति करने वाले लोग माहौल बना रहे हैं। मदरसों में तो जाकर तो नहीं बोला कि वहां की ड्रेस बदल दो, लेकिन स्कूल का नियम है तो उसे सबको मानना चाहिए।