
जयपुर. प्रदेश में उत्तर-पूर्वी हवा के असर से सर्दी का असर बढ़ा है। दिन में अच्छी धूप खिलने के बावजूद हवा सर्दी का अहसास करवा रही है। इधर प्रदेश के हिल स्टेशन माउंट आबू में तीसरे दिन न्यूनतम तापमान माइनस एक डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान के माइनस में रहने से सवेरे खुले मैदानों, पत्थरों, खेतों, उद्यानों की घास पर रात को पड़ी ओस की बूंदें बर्फ में तब्दील हो गईं। श्रीगंगानगर का न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस रहा। उदयपुर में भी सर्द हवा का प्रभाव रहा। यहां न्यूनतम तापमान 8.9 से लुढक़कर 7.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भीलवाड़ा में न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। फतेहपुर में सीजन का सबसे कम तापमान 0.7 डिग्री दर्ज किया गया।
बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 22 दिसंबर को राज्य के कुछ भागों में बादल छाए रहने की संभावना है। इस दौरान जोधपुर, बीकानेर संभाग व शेखावाटी क्षेत्र में कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है। वहीं 23 और 24 दिसंबर को न्यूनतम तापमान में हल्की गिरावट होने व राज्य के अधिकांश भागों में मौसम मुख्यत: शुष्क रहने की संभावना है।
हुआ मौसम में बदलाव तो बढ़े खांसी-जुकाम के मरीज
मौसम में बदलाव का खासा असर दिखाई दे रहा है। लोग मौसमी बीमारियों की चपेट में आ रहें है। लोग खांसी, जुकाम की चपेट में ज्यादा आ रहे हंै। एसएमएस अस्पताल में मरीजों की लंबी कतारें लगी है। इसके साथ जयपुरिया अस्पताल, कांवटिया अस्पताल, सेटेलाइट अस्पताल व अन्य अस्पतालों मे भी मरीजों की कतारें लगी हुई है। इसके साथ बच्चे भी वायरल डिजीज की चपेट में आ रहे है। जेके लोन अस्पताल में खांसी-जुकाम, निमोनिया, पसली चलना व डायरिया के मरीज बढ़ रहे हैं।
डॉक्टरों के अनुसार पहले जुकाम-खांसी के मरीज 2 से 3 दिन में स्वस्थ हो रहे थे। वहीं अब बीमारी के ठीक होने में करीब 2 सप्ताह का समय लग रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार तापमान में कमी के साथ ही वायरस का असर और प्रदूषण युक्त वातावरण के कारण मरीज को स्वस्थ होने में अधिक समय लग रहा है। मरीजों में तो एंटी बायोटिक दवाएं भी कम असर कर रही है। इसलिए मरीज को रिकवर होने में समय लग रहा है।
एसएमएस अस्पताल के डॉक्टर प्रदीप शर्मा ने बताया की बच्चों व बुजुर्गों का सर्दी में ज्यादा ध्यान रखें। उन्हें भीड़-भाड़ वाली जगहों पर नहीं लेकर जाएं। इसके अलावा सर्दी के मौसम में गर्म खान पान करे। अगर कोई बीमार हो जाता है तो घर पर अपनी मर्जी से दवाएं लेने से बचें। बीमार होने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें।