
Rajasthan Nikay Chunav Voting Pics
राजस्थान नगरीय निकाय चुनाव 2026 के तहत प्रदेश के जयपुर, जोधपुर, कोटा और सुकेत (कोटा जिला) के 10 मतदान केंद्रों पर आज, बुधवार को सुबह 7 बजे से पुनर्मतदान जारी है। मतगणना के दौरान इन बूथों की इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) में आई गंभीर तकनीकी खराबी के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने मूल मतदान को रद्द करते हुए फिर से वोटिंग कराने का बड़ा निर्णय लिया था। आज सुबह से ही इन क्षेत्रों के मतदाता अपने-अपने बूथों पर पहुंचकर लोकतंत्र के इस पर्व में हिस्सा ले रहे हैं। वोटिंग शाम 6 बजे तक चलेगी, जिसके बाद सभी मशीनों को सुरक्षित स्ट्रांग रूम में सील कर दिया जाएगा। इन 10 बूथों के भाग्य का फैसला और अटके हुए सभी नतीजों का ऐलान कल, 17 सितंबर 2026 को सुबह 8 बजे से होने वाली मतगणना के बाद कर दिया जाएगा।
कोटा नगर निगम चुनाव के दौरान वार्ड नंबर 87 में चल रहे पुनर्मतदान के बीच भारी हंगामा और राजनीतिक टकराव देखने को मिला है। वोटिंग प्रक्रिया के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के कार्यकर्ता किसी बात को लेकर आपस में उलझ गए। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि मतदान केंद्र के बाहर ही दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच जमकर लात-घूंसे चल गए, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।
इस वार्ड में मुकाबला बेहद दिलचस्प और कड़ा माना जा रहा है, जहाँ भाजपा की पुष्पा चौधरी और कांग्रेस की लक्ष्मी शर्मा के बीच सीधी टक्कर है। दोनों ही प्रत्याशी अपनी जीत के लिए पूरा जोर लगा रही हैं, जिसके चलते समर्थकों के बीच भी चुनावी सरगर्मी और तनाव चरम पर था। इसी कड़ी टक्कर के बीच पुनर्मतदान के दौरान कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा और चुनावी मुकाबला हिंसक झड़प में बदल गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने तुरंत मोर्चा संभाला। मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करके स्थिति को काबू में किया गया और आपस में लड़ रहे कार्यकर्ताओं को खदेड़ा गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मतदान केंद्र के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है ताकि मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कराया जा सके।
राज्य निर्वाचन आयोग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, हाल ही में संपन्न हुए निकाय चुनावों की मतगणना के दौरान जब संबंधित रिटर्निंग अधिकारियों ने EVM से परिणाम निकालने का प्रयास किया, तो कुछ मशीनों की स्क्रीन पर मतों का प्रदर्शन नहीं हो सका। जब जिला निर्वाचन अधिकारियों की रिपोर्ट की समीक्षा की गई, तो पाया गया कि इन मशीनों में जो वोट अप्रदर्शित रह गए थे, उनकी संख्या जीत-हार के निकटतम अंतर से कहीं ज्यादा थी।
लोकतंत्र की पारदर्शिता और जनमत के सम्मान को प्राथमिकता देते हुए चुनाव आयोग ने इन 10 बूथों पर नए सिरे से वोटिंग कराने के आदेश जारी कर दिए, ताकि सही प्रत्याशी का चयन हो सके।
पुनर्मतदान की प्रक्रिया जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगम के अलावा सुकेत नगरपालिका क्षेत्र के कुल 10 बूथों पर संचालित हो रही है:
नगर निगम जयपुर: वार्ड संख्या 09 का बूथ संख्या 111, वार्ड संख्या 18 का बूथ संख्या 235, वार्ड संख्या 25 का बूथ संख्या 343, और वार्ड संख्या 34 के बूथ संख्या 477 व 484
नगर निगम जोधपुर: वार्ड संख्या 50 का बूथ संख्या 338
नगर निगम कोटा: वार्ड संख्या 87 का बूथ संख्या 99, वार्ड संख्या 44 का बूथ संख्या 448, और वार्ड संख्या 11 का बूथ संख्या 576
नगरपालिका सुकेत (कोटा): वार्ड संख्या 04 का बूथ संख्या 05
इन बूथों पर दोबारा मतदान होने के कारण जयपुर, जोधपुर और कोटा में मेयर तथा सुकेत में अध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया फिलहाल रोक दी गई है, जो कल मतगणना पूरी होने के बाद शुरू की जाएगी।
आयोग ने पुनर्मतदान को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए विशेष दिशा-निर्देश लागू किए हैं:
नई स्याही का नियम: मूल मतदान के दौरान मतदाताओं की तर्जनी (Index Finger) पर लगाई गई पुरानी अमिट स्याही के निशान को नजरअंदाज किया जा रहा है। आज वोट डालने वाले अधिकृत मतदाताओं के बाएं हाथ की मध्यमा (Middle Finger) पर इस तरह अमिट स्याही लगाई जा रही है कि वह नाखून से लेकर चमड़ी के पहले हिस्से तक स्पष्ट दिखाई दे।
केवल अधिकृत मतदाताओं को अनुमति: इस पुनर्मतदान में केवल वही मतदाता हिस्सा ले पा रहे हैं, जिनके नाम संबंधित बूथ की मूल मतदाता सूची में दर्ज हैं।
नए मतपत्र और सीलबंद सुरक्षा: आवश्यकतानुसार नई EVM के साथ मतपत्र और निविदत्त (Tendered) मतपत्र नए सिरे से तैयार कर बूथों पर भेजे गए हैं। पहले इस्तेमाल की गई खराब मशीनों को प्रशासनिक निगरानी में सील कर दिया गया है।
आज हो रहे पुनर्मतदान की जानकारी उम्मीदवारों और उनके चुनाव एजेंटों को लिखित में देने के साथ-साथ मुनादी और ढोल बजाकर आम जनता तक पहुंचाई गई थी। जिन वार्डों के नतीजे EVM खराबी की वजह से रुके हुए थे, वहां भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय उम्मीदवारों की सांसें थमी हुई हैं।
कोटा, जयपुर और जोधपुर के कई वार्डों में मुकाबला इतना कड़ा है कि 10 से 50 वोटों का अंतर भी हार-जीत तय कर सकता है। ऐसे में आज शाम 6 बजे वोटिंग खत्म होने के बाद 17 सितंबर को सुबह 8 बजे से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच वोटों की गिनती की जाएगी। दोपहर तक यह साफ हो जाएगा कि इन निकायों में किस पार्टी का बोर्ड बनेगा और कौन मेयर की कुर्सी पर काबिज होगा।
Updated on:
16 Sep 2026, 12:24 PM IST
Published on:
16 Sep 2026, 9:38 AM IST
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