
Kishau Project : सीएम भजनलाल के साथ दिल्ली व उत्तराखंड के मुख्यमंत्री। फोटो-DIPR
Kishau Project : देश में लंबे समय से अटकी जल परियोजनाओं को गति देने की दिशा में मंगलवार को बड़ा कदम उठाया गया। किशाऊ बहुद्देशीय परियोजना को लेकर छह राज्यों ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। इससे राजस्थान को टौंस नदी पर प्रस्तावित किशाऊ बांध से 124 एमसीएम पानी मिलेगा। यह पानी ताजेवाला हैड से चूरू के हासियावास तक प्रस्तावित तीन पाइपलाइन के जरिए राजस्थान पहुंचेगा। इससे सीकर, चूरू, झुंझुनूं और आसपास के क्षेत्रों में पेयजल तथा अन्य आवश्यकताओं के लिए जल उपलब्ध होगा। समझौते के तहत हिमाचल प्रदेश अपने हिस्से का 95 प्रतिशत पानी राजस्थान और दिल्ली को दे रहा है। इसके बदले दिल्ली और राजस्थान हिमाचल के विद्युत घटक की लागत वहन करेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में यहां उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों ने करार पर हस्ताक्षर किए। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल भी मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश अपने बिजली के हिस्से का भुगतान नहीं कर रहा था, जिसके चलते यह परियोजना अटकी हुई थी। अब हिमाचल प्रदेश के जल हिस्से का 95 प्रतिशत भाग दिल्ली और राजस्थान को दिया जाएगा। पांच प्रतिशत पानी हिमाचल अपने पास रखेगा। 95 प्रतिशत में से 75 प्रतिशत पानी दिल्ली और 25 प्रतिशत राजस्थान को मिलेगा।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस समझौते को राज्यों के बीच आपसी सहयोग की मिसाल बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने ‘सबका साथ-सबका विकास-सबका प्रयास-सबका विश्वास’ के विजन को तेजी से आगे बढ़ाया है। इससे राज्यों की सहमति से दशकों से अटकी परियोजनाओं का समाधान हो रहा है। प्रदेश को यमुना जल समझौता, रामजल सेतु लिंक परियोजना, नर्मदा जल समझौता और किशाऊ बांध परियोजना जैसी बड़ी सौगातें मिली हैं।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू मौजूद रहे।
यमुना की प्रमुख सहायक टौंस नदी पर उत्तराखंड के देहरादून और हिमाचल प्रदेश के सिरमौर की सीमा पर किशाऊ बांध प्रस्तावित है। करीब 15,000 करोड़ रुपए की इस परियोजना से 660 मेगावाट जलविद्युत उत्पादन होगा। इससे राजस्थान सहित उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा लाभान्वित होंगे।
Updated on:
15 Sept 2026 10:54 pm
Published on:
15 Sept 2026 10:13 pm
