thunderstorm warning: 1 से 4 अप्रैल तक बदलेगा मौसम, कई जिलों में तेज आंधी-बारिश के आसार। पश्चिमी विक्षोभ का असर: राजस्थान में फिर सक्रिय होगा तूफानी मौसम।
Rajasthan weather: जयपुर। राजस्थान में मौसम ने करवट ले ली है। मौसम विभाग ने 31 मार्च को शाम साढे 4 बजे अलर्ट जारी किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के जयपुर केंद्र द्वारा जारी तात्कालिक चेतावनी के अनुसार, मौसम विभाग ने जयपुर, दौसा, टोंक, अजमेर जिलों में और आसपास के कुछ क्षेत्रों में अगले 120 मिनट के भीतर मेघगर्जन, तेज आंधी के साथ बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि होने की संभावना जताई गई है। इस दौरान हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे पेड़ों और कमजोर संरचनाओं को नुकसान का खतरा बना हुआ है ।
मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। चेतावनी में कहा गया है कि लोग सुरक्षित स्थानों पर रहें, पेड़ों के नीचे खड़े न हों और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से दूरी बनाए रखें।
वहीं, वहीं, अलवर, सीकर, नागौर, चूरू, भीलवाडा, चित्तौगढ, झुंझूनूं, सवाईमाधोपुर, पाली, बूंदी, राजसमंद, बीकानेर, हनुमानगढ,श्रीगंगानगर, उदयपुर,सहित कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां हल्की से मध्यम बारिश और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की संभावना है ।
पिछले 24 घंटों में भी राज्य के कई हिस्सों में मौसम ने असर दिखाया है। पूर्वी राजस्थान के लाडपुरा में 34 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि पश्चिमी राजस्थान के मुंडवा और नागौर में करीब 24 मिमी वर्षा हुई है। इससे तापमान में गिरावट आई है और गर्मी से कुछ राहत मिली है ।
आगामी दिनों की बात करें तो 1 अप्रैल को उदयपुर और कोटा संभाग के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है, जबकि बाकी हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। 2 अप्रैल की रात को जैसलमेर, बाड़मेर और फलोदी क्षेत्रों में आंधी-बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, अप्रैल के पहले सप्ताह में एक के बाद एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होंगे। विशेष रूप से 3 और 4 अप्रैल को जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, जयपुर, भरतपुर और कोटा संभाग के कुछ हिस्सों में तेज मेघगर्जन, आंधी और बारिश के साथ ओलावृष्टि की प्रबल संभावना है।
कुल मिलाकर, अगले चार दिनों तक राजस्थान में मौसम अस्थिर बना रहेगा। ऐसे में किसानों, यात्रियों और आम नागरिकों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।