RTE ACT : शिक्षा के अधिकारी (Right To Education) (आरटीई) (RTE) के तहत जरूरतमंदों बच्चों को एडमिशन नहीं देना राजस्थान की राजधानी जयपुर के कुछ निजी स्कूलों को भारी पड़ गया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने इन स्कूलों की मान्यता रद्द करने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा है।
RTE ACT : शिक्षा के अधिकारी (Right To Education) (आरटीई) (RTE) के तहत जरूरतमंदों बच्चों को एडमिशन नहीं देना राजस्थान की राजधानी जयपुर के कुछ निजी स्कूलों को भारी पड़ गया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने इन स्कूलों की मान्यता रद्द करने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा है। शिक्षा विभाग से अनुमति मिलने के बाद इन 24 स्कूलों की मान्यता रद्द कर दी जाएगी। जिला शिक्षा अधिकारी ने विभाग को भेजी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ये स्कूल आरटीई के नियमों के तहत गरीब बच्चों को प्रवेश नहीं दे रहे थे।
उल्लेखनीय है कि इस एक्ट के तहत स्कूलों की कुल सीटों में से 25 फीसदी सीटों पर जरूरतमंद बच्चों को प्रवेश दिया जाता है, लेकिन राजधानी के निजी स्कूल बच्चों को इस एक्ट के तहत एडमिशन देने में आनाकानी कर रहे थे। जिला शिक्षा अधिकारी ने विभाग को भेजी अपनी रिपोर्ट में कहा की ये स्कूल एडमिशन देने के लिए उन्हें भेजे गए विभागीय और राजकीय आदेशों को नजरअंदाज किया, न ही विभाग की ओर से भेजे गए रिमाइंडर का भी जवाब नहीं दिया, जिसके चलते इन स्कूलों की मान्यता रद्द कर देनी चाहिए।