
साइबर ठगी के आरोपी, पत्रिका फोटो
Digital Signature Scam: जयपुर पुलिस कमिश्नरेट ने डीजीएफटी-आइसीईगेट स्क्रिप घोटाले का सनसनीखेज खुलासा किया है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन सामने आया है। पुलिस ने संगठित साइबर ठगी के इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने बताया कि गिरोह का संचालन दुबई से होने के संकेत मिले हैं।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी आधार और पैन कार्ड के जरिए डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (डीएससी) तैयार किए। इनके जरिए डीजीएफटी-आइसीईगेट के सुरक्षित पोर्टल में अनधिकृत लॉगिन कर निर्यातकों के खातों तक पहुंच बनाई गई। इसके बाद ड्यूटी क्रेडिट स्क्रिप्स को फर्जी खातों में ट्रांसफर कर भुना लिया गया। रकम छिपाने के लिए म्यूल खातों के जरिए कई बार ट्रांजैक्शन किए गए।
स्पेशल पुलिस कमिश्नर ओम प्रकाश ने बताया कि यह मामला 'मरुधर क्वार्ट्ज सर्फेसेस प्रा. लि.' के निदेशक सौरभ बाफना की शिकायत पर दर्ज हुआ। उन्होंने बताया कि 17 दिसंबर 2025 के बाद लॉगिन नहीं करने के बावजूद 18 दिसंबर को उनकी आइईसी आइडी से 17.88 लाख रुपए की पांच स्क्रिप्स ट्रांसफर कर दी गईं।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि अप्रेल 2025 में भी इसी तरह 15.80 लाख रुपए की स्क्रिप्स निकाली गई थीं। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने पहले कंपनी की प्रोफाइल में मोबाइल नंबर और ईमेल आइडी बदलकर नियंत्रण हासिल किया, फिर फर्जी डिजिटल हस्ताक्षरों से सिस्टम में प्रवेश किया। विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से 400 से अधिक फर्जी डिजिटल सर्टिफिकेट बनाए गए, जिनका उपयोग अलग-अलग कंपनियों के खातों में सेंध लगाने के लिए किया गया। कमिश्नर के अनुसार इस रैकेट के माध्यम से लगभग 400 करोड़ रुपए की ठगी की गई है, हालांकि जांच अभी जारी है।
गिरोह के तार जोधपुर, पाली सहित कई शहरों से जुड़े हैं। अब तक 13 संदिग्धों की पहचान की जा चुकी है, जिनमें से पांच को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में जोधपुर निवासी सुल्तान खान, नंद किशोर, अशोक कुमार भंडारी, प्रमोद खत्री और पाली निवासी निर्मल सोनी शामिल हैं।
गिरोह के सदस्यों की तलाश में सीकर में भी दबिश दी जा रही है। जांच में सामने आया कि इस नेटवर्क के संचालन के लिए राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली के साथ-साथ दुबई के आईपी एड्रेस का उपयोग किया गया। राहत की बात यह रही कि पुलिस ने समय रहते पूरी राशि फ्रीज कर मूल खाते में वापस करवा दी।
Updated on:
07 Apr 2026 09:59 am
Published on:
07 Apr 2026 08:46 am
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