
जयपुर। लक्जरी लाइफ स्टाइल की ख्वाहिश, अचानक से मिली फ्रीडम, दूसरों के जैसा बनने की ख्वाहिश और वेस्टर्न कल्चर अपनाने की होड़... ये कुछ कारण है जो जयपुर की लड़कियों को स्वाभाविक कारण लगते हैं घर से बाहर रह रही लड़कियों में अपराध प्रवृत्ति बढ़ने की। हमने जयपुर की कुछ लड़कियों से बात की और जाने इसके कारण... आइए आपको विस्तार से इस बारे में बताते हैं।
लक्जरी लाइफ स्टाइल की ख्वाहिश: दरअसल हर घर में ऐसा मुमकिन नहीं होता कि सब कुछ आसानी से मिल सके। घर से बाहर निकली लड़कियां जब अपने समकक्ष दोस्तों को ऐसे माहौल में देखती हैं, तो उन्हें सब कुछ बहुत फैंसी लगता है। इसे हासिल करने की चाहत उनके कदम भटका देती है। — ज्योति चौहान
फ्रीडम हैंडल नहीं कर पातीं: भारतीय संस्कृति में अब भी मां बाप अपने बच्चों को कुरीतियों से दूर रखने की कोशिश करते हैं। घर पर रहते हुए उन पर नजर रखी जाती है, लेकिन बाहर निकलते ही ये बंधन खुल जाता है। फिर उन्हें वो सब करने का मन होता है, जिनसे वो अब तक दूर रही होती हैं या माता पिता ने रखा होता है। — पारूल खींची
पीयर प्रैशर भी बड़ा कारण: कई बार अपनी सहेलियों को देख कर भी लड़कियां भटक जाती हैं। जैसे मेरी सहेली का बॉयफ्रैंड है, मेरा नहीं... वो शॉर्ट ड्रेसेज पहनती, क्लब जाती है, लेट नाइट आती है। लड़कियों को जब ये सब कूल लगने लगता है और वो ऐसा नहीं कर पातीं, तो निश्चित रूप से उनके पैर लड़खड़ाना लाजमी है। —नेहा राजपूत
वेस्टर्न कल्चर: देश की लड़कियों को वेस्टर्न कल्चर ने भी खासा प्रभावित किया है। इसकी वजह से उनकी लाइफस्टाइल भी खराब हो रही है। फास्ट फूड से हैल्थ बिगड़ती है और फिर मेडिसिन के सहारे उनकी तबियत बिगड़ती चली जाती है। इसके अलावा आसानी से हासिल होने वाला पॉर्न भी उन्हें आपराधिक प्रवृत्तियों की ओर धकेल देता है। —स्नेहा खंडेलवाल