
जयपुर। रेलवे लगातार तकनीकों में नवाचार कर रहा है, ताकि ट्रेनों का संचालन प्रभावित ना हो। साथ ही यात्री समय पर अपने गंतव्य तक पहुंच सके। इस बार बारिश में स्टेशनों पर जलभराव की स्थिति देखने को मिली। ऐसे में स्टेशनों के वार्ड में जलभराव के कारण ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ। ट्रेनों के संचालन में आने वाले अवरोध को दूर करने के लिए अजमेर मंडल के दो स्टेशन आदर्श नगर और ब्यावर पर मल्टी सेक्शन डिजिटल एक्सल काउंटर यानी एमएसडीएसी का काम पूरा कर लिया गया है। साथ ही अजमेर, बीकानेर एवं जयपुर मंडल के कुल 13 स्टेशनों पर यह कार्य प्रगति पर है। सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा और ट्रेन संचालन की सुगमता को बढ़ाने के लिए मंडलों में 47 में से 18 समपार फाटकों को इंटरलॉक किया गया है तथा अन्य पर कार्य प्रगति पर है।
इसके साथ ही एसएण्डडी विभाग की ओर से आगामी वर्ष के दौरान सड़क उपयोगकर्ताओं और ट्रेन संचालन की सुरक्षा बढ़ाने के लिए मानवयुक्त समपार फाटकों को इंटरलॉक किया जाएगा। साथ ही अधिक सेक्शन क्षमता प्राप्त करने की दिशा में स्वचालित सिग्नलिंग के कार्य किए जाने और ट्रेन परिचालन में सुरक्षा बढ़ाने के लिए कवच का कार्य 1586 किलोमीटर में किए जाने के लक्ष्य रेलवे की ओर से निर्धारित किए गए हैं।
मैकेनिकल स्टेशनों को बदला जाएगा आधुनिक सिगनलिंग स्टेशनों में
उत्तर पश्चिम रेलवे के सीपीआरओ कैप्टन शशिकिरण ने बताया कि जोधपुर मंडल के 4 में से 2 पुराने मैकेनिकल स्टेशनों को आधुनिक सिगनलिंग स्टेशनों यानी ईआई में परिवर्तित किया गया है। जिससे स्टेशन यार्ड में दोनों दिशाओं से ट्रेनों के एक साथ आगमन एवं प्रस्थान की सुविधा होगी। साथ ही कम्प्यूटर की सहायता से स्टेशन मास्टर गाड़ी का संचालन कर सकेगा। इसी तरह बीकानेर मंडल में शेष मैकेनिकल स्टेशनों को आधुनिक सिग्नलिंग स्टेशनों में परिवर्तित करने का कार्य किया जा रहा है। इस तरह बीकानेर मंडल का कार्य पूरा होते ही सम्पूर्ण उत्तर पश्चिम रेलवे मैकेनिकल सिगनलिंग से मुक्त हो जाएगा।