जयपुर. राजधानी में वायु के जैसे ध्वनि प्रदूषण की रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी। वायु प्रदूषण की जांच का भी दायरा बढ़ेगा। शहर में चार जगहों पर रियल टाइम परिवेशी ध्वनि जांच केन्द्र तैयार होंगे। इससे शहर में ध्वनि प्रदूषण का हर सेकंड पता चल सकेगा। वहीं आबोहवा की जांच के लिए 4 नए सतत परिवेशीय […]
जयपुर. राजधानी में वायु के जैसे ध्वनि प्रदूषण की रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी। वायु प्रदूषण की जांच का भी दायरा बढ़ेगा। शहर में चार जगहों पर रियल टाइम परिवेशी ध्वनि जांच केन्द्र तैयार होंगे। इससे शहर में ध्वनि प्रदूषण का हर सेकंड पता चल सकेगा। वहीं आबोहवा की जांच के लिए 4 नए सतत परिवेशीय वायु गुणवत्ता निगरानी प्रणाली (सीएएक्यूएमएस) केन्द्र बनेंगे। राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने इन्हें मार्च तक शुरू करने की तैयारी की है।
शहर के आवासीय, शांत, व्यावसायिक व औद्योगिक क्षेत्रों में ध्वनि प्रदूषण की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी, इसके लिए मंडल ने जगह तय कर ली है। इसमें से झालाना को छोड़कर सभी जगह की एनओसी भी आ गई है। मंडल अब यहां केन्द्र तैयार कर मशीनें लगाएगा। इसके बाद ध्वनि प्रदूषण की रियल टाइम मॉनिटरिंग शुरू हो जाएगी। मंडल अभी माह में एक बार ही मैन्युअली ध्वनि की गुणवत्ता की जांच कर रहा है।
शहर में कितना ध्वनि प्रदूषण है, इसकी लोगों को भी जानकारी मिल सकेगी। इसके लिए मंडल ने शहर में जगह-जगह डिस्प्ले बोर्ड लगाने की भी तैयारी की है।
राजधानी जयपुर सहित जोधपुर और कोटा में 4-4 रियल टाइम परिवेशी ध्वनि जांच केन्द्र बनाए जाएंगे। मंडल ने इसके लिए 4.81 करोड़ की प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है।
शहर में आबोहवा गुणवत्ता की जांच के लिए टोंक रोड, वैशाली नगर, आगरा रोड और आमेर में नए सीएएक्यूएमएस लगाए जाएंगे। इसके लिए नेहरू बालोद्यान व सिल्वन पार्क को छोड़कर सब जगह की एनओसी मिल गई है। आमेर में पीली की तलाई में काम भी शुरू हो चुका है। बाकि जगहों पर जल्द ही काम शुरू होगा। 4 नए केन्द्र बनते ही शहर में वायु गुणवत्ता जांच केन्द्रों की संख्या 10 हो जाएंगी। जिससे हर क्षेत्र के प्रदूषण की सटीक जानकारी मिल सकेगी। इससे प्रदूषण को कम करने के उपाय हो सकेंगे।