- वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान भी कोड वर्ड में बात करती है पुलिस
जयपुर. पुलिस और सुरक्षा एजेन्सियां अपने संदेश को कोड वर्ड में भेजती हैं। वहीं, अधिकारियों को निक नेम से बुलाती हैं। दुनियाभर में मशहूर भारत के स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) के मुखिया को पापा कहते हैं। वहीं, पुलिस विभाग के मुखिया (डीजीपी) को विक्टर के नाम से बुलाते हैं।
इसके अलावा पुलिस के वायरलैस पर लॉयन, पेंथर और टाइगर सहित कई संदेश कोड वर्ड में बोले जाते हैं। पुलिस कन्ट्रोल रूम के वायरलैस पर भी 24 घंटे ऑल गामा...पीटर... लॉयन (कमिश्नर) ने यह संदेश दिया है। सभी इसकी पालना करें। राजस्थान पुलिस में किस अधिकारी को क्या कहते हैं... इसके लिए कोड वर्ड का इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान भी पुलिस कोड वर्ड में बात करती है।
थाने किले से कम नहीं...पुलिसिया भाषा में कहते हैं फोर्ट
आज भी थानों में जाने से लोग कतराते हैं, लेकिन पुलिस अधिकारी थाने को किसी किले से कम नहीं मानते हैं। किसी भी थाना क्षेत्र में अवांछित गतिविधियां चल रही हैं या फिर थाना पुलिस ने अच्छा काम किया, तब लॉयन, पेंथर, टाइगर... थाने को फोर्ट नंबर के साथ संबोधित करते हुए संदेश देते हैं। हर थाने का नंबर अलग होता है और उसे फोर्ड के साथ नंबर से पहचान दी गई है।
कलक्टर को ईको
पुलिस कमिश्नरेट को छोड़कर जिलों में कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी कलक्टर के पास होती है। इसलिए पुलिस कन्ट्रोल रूम कलक्टर से मिलने वाले संदेश को ईको के नाम से प्रसारित करता है। वहीं, वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान वीआईपी के गंतव्य पर पहुंचने पर ईको लैंड कर गया या वीआईपी या फिर अन्य कोड वर्ड से पहुंचने की जानकारी दी जाती है।
- कन्ट्रोल टाइगर: एसपी को सभी थानों को या अधीनस्थ अधिकारियों को संदेश देना होता है तो वे वायरलैस पर देते हैं...
इसलिए जरूरत
सूत्रों के मुताबिक सुरक्षा संबंधी निर्देशों और कन्ट्रोल कम्युनिकेशन को पब्लिक नहीं समझ सके। इसलिए कोड वर्ड में बात करते हैं।
पुलिस में किसको क्या कहते
पद ----------------------- कोड
डीजीपी-एडीजी ------------- विक्टर (विजेता)
आईजी-कमिश्नर ------------ लॉयन
डीआईजी ------------------ पेंथर
एसपी --------------------- टाइगर
एएसपी -------------------- ब्रेबो
डिप्टी एसपी ----------------- पीटर
एसएचओ ------------------ गामा
एसआई -------------------- शेरा