Rajasthan News : जयपुर में कृषि उपज मंडी यार्ड में खुले में रखी 10 हजार बोरी जिंस भीगी गई। जिससे सवा करोड़ रुपए का नुकसान हो गया। इसे लेकर व्यापारियों में रोष है।
Rajasthan News : मौसम का मिजाज बदलने से गुरुवार देर शाम आई बरसात से कृषि उपज मंडी यार्ड में खुले में रखी बाजरे की करीब 10 हजार बोरी यानी सवा करोड़ का जिंस भीग गया। इससे व्यापारियों में रोष है। इधर, मंडी कार्यालय में कृषि विपणन बोर्ड के उपनिदेशक महिपाल सिंह की मौजूदगी में सवा 3 घंटे चली वार्ता भी बेनतीजा खत्म हो गई। मंडी व्यापारी विनय डंगायच व पवन जैन ने बताया कि 1 अक्टूबर को उनका माल नीलामी के बाद पल्लेदारों ने बोरियों में भर तो दिया था लेकिन माल के उठाव से पहले पल्लेदार बोरियों में भरे माल को मंडी यार्ड में खुले में छोड़कर हड़ताल कर चले गए। इसके बाद माल ज्यों का त्यों रखा हुआ था। इस बीच गुरुवार देर शाम बरसात होने से उनका मंडी में पड़ा करीब सवा करोड़ का माल भीग गया।
कृषि उपज मण्डी अनाज बस्सी में पल्लेदारों की हड़ताल का गुरुवार को 9वां दिन था। हड़ताल को खत्म कराने लिए कृषि विपणन विभाग के संयुक्त निदेशक महिपाल सिंह ने व्यापारियों और पल्लेदारों से अलग-अलग बात कर सुलह में आ रही बाधाओं को जाना। सवा 3 घंटे चली वार्ता बेनतीजा खत्म हो गई।
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पल्लेदार संघ अध्यक्ष चिरंजीलाल शर्मा ने कहा कि मेहनत के बाद भी उनको सम्मानजनक मेहनताना नहीं मिल पाता है। व्यापारियों ने पल्लेदार संघ की 16 सूत्री मांग पर अपनी असहमति जताई। कृषि विपणन विभाग संयुक्त निदेशक महिपाल सिंह ने उम्मीद जताई है कि 14 अक्टूबर से पल्लेदार मंडी में सामान्य रुप से कामकाज शुरू कर देंगे।
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