
Jaipur Bus App Live Tracking: जयपुर शहर में सिटी बस का इंतजार कर रहे यात्रियों को यह पता नहीं चल पाता कि बस कितनी दूर है और स्टॉप पर कब पहुंचेगी। करीब तीन साल पहले 22 करोड़ रुपए खर्च कर शुरू किया गया जयपुर बस एप अब बसों की लाइव लोकेशन बताने में नाकाम साबित हो रहा है। नई इलेक्ट्रिक बसों की लोकेशन भी एप पर नहीं दिख रही। इससे यात्रियों को बस स्टॉप पर काफी देर तक इंतजार करना पड़ रहा है।
लाइव ट्रैकिंग व्यवस्था दुरुस्त हो तो यात्रियों को घर से निकलने का सही समय तय करने, अनावश्यक इंतजार से बचने और वैकल्पिक साधन चुनने में मदद मिल सकती है। खासकर नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों, महिलाओं और उन यात्रियों के लिए यह सुविधा जरूरी है, जिन्हें एक बस छूटने पर दूसरी बस का लंबा इंतजार करना पड़ता है।
यात्रियों को बस रूट और उसकी वास्तविक स्थिति की जानकारी देने के लिए जयपुर में दिसंबर 2023 में जयपुर बस एप की शुरुआत की गई थी। इसके लिए परिवहन व्यवस्था के आधुनिकीकरण पर खर्च किया गया, लेकिन यात्री बस की लोकेशन देखने के लिए एप पर भरोसा नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि पिछले कई दिनों से बसों की लाइव लोकेशन नहीं दिखने की शिकायतें मिली हैं। इतना ही नहीं, नई शुरू हुई इलेक्ट्रिक बसों की ट्रैकिंग संबंधी जानकारी भी ऐप पर उपलब्ध नहीं है। यानी नई बसें सड़कों पर आ रही हैं, लेकिन यात्रियों को उनकी स्थिति जानने की सुविधा नहीं मिल रही है।
उदयपुर में सिटी बस एप के जरिए वर्तमान में 35 इलेक्ट्रिक और 24 पुरानी बसों को ट्रैकिंग व्यवस्था से जोड़ा गया है। यात्री मोबाइल पर बस की लोकेशन, दूरी और पहुंचने के अनुमानित समय की जानकारी ले सकते हैं। वहां बसों पर डेस्टिनेशन बोर्ड भी लगाए गए हैं और कंट्रोल रूम से ट्रैकिंग सिस्टम की निगरानी हो रही है। इसके विपरीत, जयपुर में यात्रियों को बस स्टॉप पर खड़े होकर बस आने का इंतजार करना पड़ता है। जीपीएस बंद करने और निर्धारित रूट बदलने की शिकायतें भी हैं।
जेसीटीएसएल की सभी बसों की लाइव ट्रैकिंग पर काम करना है। जो कंपनी यह काम कर रही है, उसके सॉफ्टवेयर में कुछ बदलाव होने हैं। हमें भी अपना डेटा देना है। इसके बाद जल्द ही, संभवतः नवंबर से, इसे शुरू कर दिया जाएगा। इसमें ई-बसें भी शामिल होंगी।
-नारायण सिंह, एमडी, जेसीटीएसएल