
जयपुर के रामनगरिया इलाके में 27 जून को कार की मामूली टक्कर से शुरू हुआ विवाद अब पुलिस कार्रवाई को लेकर बड़ा सवाल बन गया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि सड़क पर हुए विवाद के दौरान नवविवाहिता के साथ बदसलूकी की गई और उसे जबरन कार में बैठाने की कोशिश हुई। जब उसका पति मौके पर पहुंचा तो उसके साथ भी मारपीट की गई। परिवार का दावा है कि पूरी घटना से जुड़े CCTV और वीडियो पुलिस को देने के बाद भी उन्हें कार्रवाई के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़े।
परिवार के अनुसार, युवती की शादी 23 जून को हुई थी। शादी के तीन दिन बाद 27 जून की शाम करीब 5:15 बजे वह अपनी भाभी के साथ तिलक नगर से जगतपुरा के सैलून जा रही थी। जगतपुरा की सर्विस लेन में उनकी कार को एक गाड़ी ने साइड से टक्कर मार दी। इसके बाद दोनों पक्षों में विवाद शुरू हुआ। युवती का आरोप है कि इसी दौरान कुछ युवकों ने उसके साथ अभद्रता की। वह और उसकी भाभी मोबाइल से घटना रिकॉर्ड करने लगीं तो फोन छीनने की कोशिश की गई।
पीड़िता ने शिकायत में आरोप लगाया कि विवाद के दौरान उसके दोनों हाथ पकड़े गए और उसके साथ हाथापाई की गई। इतना ही नहीं, उसे जबरन कार में बैठाने की कोशिश भी की गई। विरोध करने पर उसके सिर पर हमला करने का आरोप है। परिवार के मुताबिक, इस दौरान वहां मौजूद लोगों और घटना को रिकॉर्ड करने की कोशिश कर रही भाभी के सामने भी स्थिति बिगड़ती चली गई। पीड़ित पक्ष ने बाद में पुलिस को CCTV फुटेज के साथ घटना से जुड़े फोटो और वीडियो भी उपलब्ध करवाए।
मामला बढ़ता देख युवती की ननद ने उसके पति को मौके पर बुलाया। परिवार का आरोप है कि पति के पहुंचने के बाद दूसरे पक्ष के युवक ने 7-8 और लोगों को बुला लिया। इसके बाद उसके साथ मारपीट की गई। परिवार के अनुसार, हमले में उसके चेहरे पर फ्रैक्चर हुआ, एक दांत टूट गया और सिर पर टांके लगाने पड़े। उसकी आंख में भी गंभीर चोट आई और क्लोट आने की बात सामने आई। घटना के बाद परिवार का कहना है कि वे लगातार डर के माहौल में हैं।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि रामनगरिया थाने में मामला दर्ज कराने के बाद पुलिस को पर्याप्त सबूत दिए गए, लेकिन इसके बावजूद उन्हें सही कार्रवाई नजर नहीं आई। परिवार के अनुसार, CCTV फुटेज में छह लोग मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। इसी आधार पर परिजन सवाल उठा रहे हैं कि कार्रवाई सिर्फ तीन लोगों के खिलाफ ही क्यों की जा रही है। जब स्थानीय स्तर पर उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो वे पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल के पास शिकायत लेकर पहुंचे।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि घटना के बाद उन्हें धमकियां भी दी गईं। परिवार के अनुसार उन्हें कहा गया कि अगर FIR या केस आगे बढ़ाने की कोशिश की तो उन्हें ढूंढकर मार दिया जाएगा। इसी वजह से परिवार अभी भी खुद को सुरक्षित नहीं मान रहा है।
परिजनों की शिकायत के बाद कमिश्नर सचिन मित्तल के हस्तक्षेप से मामले की जांच रामनगरिया थाने से एयरपोर्ट थाने को दी गई। एयरपोर्ट थानाधिकारी विनोद कुमार वर्मा ने बताया कि जांच में तीन लोगों के खिलाफ अपराध प्रमाणित हुआ है। उनके मुताबिक, घटना के आठ दिन बाद ही दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि तीसरे आरोपी को लेकर जांच जारी है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान टीलावाला, जगतपुरा निवासी ओमप्रकाश शर्मा और उसके भाई सत्यनारायण शर्मा के रूप में बताई है।