मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास गुरुवार को पुलिस मुख्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने साइबर अपराध नियंत्रण एवं साइबर हेल्पलाइन 1930 की कार्यप्रणाली को लेकर उच्चस्तरीय बैठक ली। मुख्य सचिव ने साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 के संचालन, कॉल रिस्पॉन्स सिस्टम एवं साइबर अपराधों की जांच प्रक्रिया की विस्तार से समीक्षा की।
जयपुर। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास गुरुवार को पुलिस मुख्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने साइबर अपराध नियंत्रण एवं साइबर हेल्पलाइन 1930 की कार्यप्रणाली को लेकर उच्चस्तरीय बैठक ली। मुख्य सचिव ने साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 के संचालन, कॉल रिस्पॉन्स सिस्टम एवं साइबर अपराधों की जांच प्रक्रिया की विस्तार से समीक्षा की । उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हेल्पलाइन 1930 को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाया जाए तथा इसके लिए अगले 30 दिनों में विस्तृत पॉलिसी प्लान के इम्प्लीमेंटेशन का लक्ष्य निर्धारित कर कार्रवाई की जावे।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह भास्कर ए. सावंत, पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा, एडीजी साइबर क्राइम वीके सिंह, एडीजी भूपेंद्र साहू, डीआईजी शांतनु सिंह, एसपी सुमित मेहरड़ा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
इस दौरान मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने पुलिस मुख्यालय में सायबर अपराधों के लिए स्थापित साइबर क्राइम हेल्पलाइन का भी निरीक्षण किया और कई लाइव कॉल्स को सुना। उन्होंने देखा कि किस प्रकार साइबर अपराधों की शिकायतें दर्ज हो रही हैं और एफआईआर और जांच की प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ रही है। एडीजी (साइबर क्राइम) वीके सिंह ने कॉल सेंटर की कार्यप्रणाली और शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी।
इस मौके पर मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश के 41 साइबर सुरक्षा पुलिस स्टेशनों के बेहतर प्रदर्शन के लिए मासिक समीक्षा व्यवस्था विकसित की जाएगी और संबंधित अधिकारियों के साथ विशेष कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा साइबर अपराध रिपोर्ट होने और संबंधित बैंक खातों को ब्लॉक करने के बीच लगने वाले समय का भी गहन विश्लेषण किया जाएगा ताकि पीड़ितों को त्वरित राहत मिल सके।
-साइबर अपराध के प्रत्येक पीड़ित को तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल सुविधा उपलब्ध हो, इसके लिए उपलब्ध टेलीफोन लाइनों एवं कॉल ऑपरेटरों की संख्या आगामी 15 जून तक बढ़ाई जाएगी ।
-साइबर अपराध रिपोर्टिंग एवं शिकायत निवारण की गुणवत्ता सुधार के लिए मासिक रिपोर्ट प्रकाशित की जाएगी।
-देश के साइबर थानों को प्रतिदिन अपनी उपलब्धियों एवं कार्रवाई की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से आमजन तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए ।
-आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का उपयोग कर साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी एवं जनोपयोगी बनाया जाएगा ।