
जयपुर।
जयपुर के परकोटा को विश्व धरोहर में शामिल करने की उम्मीदों को झटका लगा है। यूनेस्को की सलाहकार संस्था इकॉमॉस ने विरासत संरक्षण के नाम पर की जा रही खानापूर्ति और बढ़ते अवैध निर्माणों की वजह से सरकार के प्रस्ताव को डेफर कर दिया है।
सरकार के जबाव से असंतुष्ट संस्था, उम्मीदों को लगा झटका
बता दें कि पिछली भाजपा सरकार के समय जयपुर के परकोटा को विश्व धरोहर में शामिल करने का प्रस्ताव भेजा गया था। इसके बाद पिछले साल यानी सितंबर 2018 में यूनेस्को की संस्था इकॉमॉस के विशेषज्ञ पिछले वर्ष सितम्बर में मौका मुआयना करने जयपुर आए। मामले की पूरी जांच-परख के बाद संस्था ने एक अंतरिम रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी। इस अंतरिम रिपोर्ट में विरासत संरक्षण को लेकर कई सवाल खड़े करते हुए इनका जवाब सरकार से मांगा गया। जिस पर सरकार की ओर से जवाब भेजा गया, लेकिन जवाब से असंतुष्ट संस्था ने प्रस्ताव को डेफर कर दिया। ऐसे में राजधानीवासियों की उम्मीदों को झटका लगा है।
बैठक में फिर होगा विचार
वहीं, अजरबेजान की राजधानी बाकु में होने वाली बैठक में प्रस्ताव पर एक बार फिर विचार किया जाएगा। अगर मामला यहां भी डेफर कर दिया गया तो राज्य सरकार को नए सिरे से प्रस्ताव भेजना होगा, जिस पर अगले साल ही विचार हो पाएगा। यह बैठक 30 जून से 10 जुलाई तक होगी।
जीएफएक्स इन संस्था ने ये की थी टिप्पणियां
- परकोटा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर हुए अवैध निर्माण बड़ा मुद्दा
- अवैध इमारतें विरासत को बचाने वाले कानून संदेह पैदा करती है
- सरकार जवाब दे कि अवैध इमारतों के भविष्य को लेकर क्या प्लान
- विरासत सहेजने को लेकर सरकार