
जयपुर . सरकारी स्तर पर जनता को सुविधाएं मुहैया कराने के लिए कई तरह से प्रयास किए जा रहे हैं। पॉश एरिया में तो सरकार द्वारा सभी सुविधाएं पहुंचा भी दी गई है। दूसरी ओर ऐसी कॉलोनियां भी हैं जिनको बसे हुए 25 साल हो गए लेकिन सुविधाओं के नाम पर केवल आश्वासन ही मिलते आ रहे हैं। किसी भी पार्टी का राज रहा हो,कोई भी जनप्रतिनिधि रहा हो, सरकारी स्तर पर भी यहां के बांशिदों ने काफी प्रयास किए लेकिन सुविधाएं तो दूर यहां कोई देखने भी नहीं आता।
कच्ची सड़कों पर चलने को मजबूर लोग
२५ साल पहले यहां की जो स्थिति वो आज तक नहीं बदली है वहीं कच्ची सड़कें और ऊबड खाबड रास्ते जो हादसों को निमंत्रण देते नजर आते हैं। लोगों का कहना है कि यहां लोग ही बदल गए लेकिन दशा नहीं सुधरी। सुविधाओं से वंचित कुछ लोग तो यहां से मकान बेचकर जाने को मजबूर हो गए। लेकिन फिर भी सरकार हमारी सुध नहीं ले रही वो परेशानी का बड़ा कारण है।
बारिश में भर जाता पानी
स्थानीय बांशिदों का कहना है कि कच्ची सड़क होने के कारण बारिश में यहां विकट परेशानी हो जाती है। कॉलोनी के लोगों का घरों से बाहर निकलना भी दूभर हो जाता है। वाहन चालक आए दिन चोटिल होते रहते हैं। इन सबसे बचने के लिए लोग यहां मलबा डलवाते हैं लेकिन उससे कीचड़ होता है जो कई सारी परेशानिया पैदा कर देता है। ऐसे में बारिश के दिनों में तो यहां हालत ही खराब रहते हैँ। सड़क के पास ही दो प्राइवेट स्कूल भी हैं जहां सैकडों बच्चे पढऩे आते हैं लेकिन उनका भी यहां से पैदल निकलना तो मानो किसी आफत से कम नहीं होता।
सब्जी मंडी और हाट बाजार से बिगड़े हालात
लोगों का कहना है कि यहां पास मेें ही हर रविवार को सब्जी मंडी और हाट बाजार लगता है इस कारण से यहां हजारों लोगों का आना जाना रहता है। इस कारण भी यहां कीचड़ रहता है। शिकायतों के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने से लोगोंं में सरकार के प्रति विश्वास उठ सा गया है।
कहने को ८० फीट रोड लेकिन अधूरी
जगदंबा नगर कॉलोनी के बांशिदों का कहना है कि कहने को जेडीए ने कॉलोनी के बीच में से ८० फीट रोड निकाली लेकिन उसको आधी अधूरी ही छोड़ दी। पार्क के एक तरफ तो ८० फीट रोड है लेकिन दूसरी ओर से उसको बनाया ही नहीं। ऐसे में कॉलोनी वाले जब जिम्मेदारों के पास शिकायत लेकर पहुुंचते हैं तो उन्हें यह कह कर टरका दिया जाता है कि ये पृथ्वीराज नगर का मामला है हाईकोर्ट के आदेश पूरे होने के बाद ही कुछ हो पाएगा।
अन्य सुविधाओं का भी टोटा
अजमेर हाइवे से मात्र ५०० मीटर की दूरी पर स्थित इस कॉलोनी के हालत इतने बदतर है कि यहां पर किसी भी प्रकार की सुविधाएं नहीं है। लोगों का कहना है कि यहां पर जेडीए ने एक पार्क बनाया वो भी उजड़ा हुआ है उसकी भी देखभाल करने का जेडीए के पास समय नहीं है। डिस्पेंसरी नहीं होने के कारण यहां के लोगों को चिकित्सा सुविधा के लिए यहां से दूर जाना पड़ता है। चारों तरफ हाइटेंशन लाइन का जाल होने के कारण हादसों का हमेशा डर बना रहता है जिससे यहां रहने में भी डर लगता है लेकिन लोगों का कहना है कि बड़ी मुश्किल से आशियाना बसाया है अब इसको छोड़कर कहां जाएंगे।
पृथ्वीराज नगर की कॉलोनियों के विकास को लेकर हाईकोर्ट ने सरकार को निर्देश दिए है कि मास्टर प्लान को सही ढंग से लागू करे और उसके बाद ही इन कॉलोनियों का नियमन और विकास कार्य करवाए। जब तक जेडीए प्रभावी ढंग से मास्टर प्लान को लागू नहीं करेगा उसके बाद ही विकास हो पाएगा। मान पंडित, पार्षद वार्ड नंबर-१९