5 नवंबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Rajasthan News: नौकरी ऊंची… जायदाद ‘जीरो’, पत्रिका ने खंगाली शीर्ष IAS-IPS अफसरों की संपत्ति रिटर्न

सरकार को पेश दस्तावेज में आम आदमी गलत जानकारी भर दे तो पुलिस केस दर्ज कर सकती है, लेकिन पुलिस के कुछ शीर्ष अधिकारियों की अचल सम्पत्ति की वार्षिक रिटर्न देख शायद आपके मन में संदेह आ जाए।
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जयपुर

•

image

Anil Prajapat

•

Updated: 5 Nov 2026, 9:06 AM IST

IPS Anand Srivastava-IPS Smita Srivastava

आइपीएस आनंद श्रीवास्तव और आइपीएस स्मिता श्रीवास्तव। फोटो: पत्रिका

जयपुर। सरकार को पेश दस्तावेज में आम आदमी गलत जानकारी भर दे तो पुलिस केस दर्ज कर सकती है, लेकिन पुलिस के कुछ शीर्ष अधिकारियों की अचल सम्पत्ति की वार्षिक रिटर्न देख शायद आपके मन में संदेह आ जाए। विला-कॉटेज खरीद मामले में एपीओ आइएएस शिखर अग्रवाल ने अचल संपत्ति रिटर्न (आइपीआर) में पत्नी आइपीएस प्रशाखा माथुर के साथ कुछ सम्पत्ति संयुक्त होने की जानकारी दी है, लेकिन आइपीएस प्रशाखा की आइपीआर खाली है।

इसी तरह आइपीएस स्मिता श्रीवास्तव ने आइपीआर में दो सम्पत्ति बताई है, लेकिन पति आइपीएस आनंद श्रीवास्तव की आइपीआर के हर कॉलम में निल दर्ज हैं। आइपीएस सुष्मित विश्वास की आइपीआर में भी निल दर्ज है। इसी साल जनवरी में आइएएस व आइपीएस अधिकारियों की ओर से ऑनलाइन भरी गई आइपीआर की राजस्थान पत्रिका ने पड़ताल की।

दोनों ही सेवाओं के शीर्ष 25-25 अधिकारियों की आइपीआर का अध्ययन किया। इनमें से किसी भी आइएएस ने आइपीआर में अपनी संपत्ति शून्य नहीं दर्शाई है। लेकिन आइएएस शिखर अग्रवाल की पत्नी आइपीएस प्रशाखा माथुर की आइपीआर में नाम, सेवा, कैडर व बैच के अलावा सब कुछ खाली है।

खानों में निवेश नहीं

नेताओं व अफसरों के खानों में निवेश की खबरें तो आती हैं, लेकिन शीर्ष आइएएस-आइपीएस अधिकारियों में से किसी के रिटर्न में खानों में निवेश का जिक्र नहीं है।

पत्नी के 3 भूखंड, पति के रिटर्न में कॉलम निल

1995 बैच की आइपीएस स्मिता श्रीवास्तव की आइपीआर में 2013 में तीन भूखंड बताए गए हैं। उनके पति आइपीएस आनंद श्रीवास्तव की आइपीआर में एक ही पंक्ति में 8 कॉलम में कुल 17 बार निल लिखा है। आइपीएस सुष्मित विश्वास की आइपीआर में भी 17 बार निल लिखा है।

बड़ी खबरें

View All

जयपुर

राजस्थान न्यूज़