
जांच में जुटी सुरक्षा एजेंसियां। फोटो: पत्रिका
बीकानेर। श्रीगंगानगर जिले की श्रीविजयनगर तहसील के गांव 50 जीबी के पास मंगलवार देर रात रेलवे ट्रैक पर हुए विस्फोट की जांच में एनआइए, एटीएस और आइबी सहित कई एजेंसियां जुट गई है। विस्फोट से करीब 45 मिनट पहले ही इस ट्रैक से अनूपगढ़ से सूरतगढ़ जाने वाली यात्री ट्रेन गुजरी थी। धमाके से रेलवे ट्रैक के सीमेंट के दो स्लीपर टूट गए और पटरियों के बीच करीब दो फीट गहरा गड्ढा बन गया। विस्फोट की आवाज आसपास की ढाणियों और गांवों तक सुनाई दी। विस्फोट की जिम्मेदारी अभी तक किसी संगठन ने नहीं ली है। यह गांव पाक सीमा से करीब 40 किमी दूर है। घटना की जांच आतंकी साजिश के एंगल से भी की जा रही है। क्योंकि श्रीगंगानगर में पाक आतंकी शहजाद भट्टी के गैंग की सक्रियता और हाल ही में उसके संपर्क में रहने वाले लोगों की गिरफ्तारियां हुई है।
रामसिंहपुर थाना प्रभारी राम प्रताप ने बताया कि मंगलवार रात करीब 8:30 बजे अनूपगढ़ से सूरतगढ़ की ओर जाने वाली यात्री ट्रेन रवाना हुई थी। रात करीब 9 बजे ट्रेन 50 जीबी गांव के पास पहुंची। ट्रेन के गुजरने के करीब 45 मिनट बाद, रात पौने दस बजे रेलवे ट्रैक पर जोरदार धमाका हुआ। शुरुआत में ग्रामीणों को किसी सड़क दुर्घटना की आशंका हुई, लेकिन आवाज की दिशा में पहुंचने पर रेलवे ट्रैक के पास विस्फोट होने की जानकारी सामने आई। ग्रामीणों ने तत्काल रेलवे गेटमैन को सूचना दी। इसके बाद रेलवे प्रशासन और पुलिस को अवगत कराया गया। रात करीब 11 बजे रामसिंहपुर पुलिस और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
घटना के बाद रेलवे ने बुधवार को गाड़ी संख्या 59715 सूरतगढ़-अनूपगढ़, 59716 अनूपगढ़-सूरतगढ़, 59711 सूरतगढ़-अनूपगढ़ तथा 59712 अनूपगढ़-सूरतगढ़ पगढ़-सूरतगढ़ रेल सेवाएं रद्द कर दी है। हालांकि बुधवार को ट्रैक को दुरुस्त कर दिया गया है और ट्रेनों का संचालन फिर से शुरू हो सकेगा।
बीकानेर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक ओमप्रकश ने बताया कि एजेंसियों व एफएसएल टीम ने घटनास्थल से नमूने लिए है। मामला संदिग्ध है, इसलिए जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। इस संबंध में प्रकरण दर्ज कराया गया है।
1. स्लीपर तोड़ने और दो फीट गहरा गड्ढा बनाने के लिए किस सामग्री का इस्तेमाल किया ?
2. विस्फोट का उद्देश्य केवल रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचाना था या बड़ी साजिश थी ?
3. ट्रेन के गुजरने के करीब 45 मिनट बाद ही धमाका होना भी जांच का पहलू है। क्या विस्फोट किसी व्यक्ति ने किया या इसके लिए कोई अन्य तरीका अपनाया गया?
सूत्रों के मुताबिक, रेलवे लाइन पर टाइमर बम लगाए जाने की आशंका भी जताई जा रही है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस, रेलवे व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ सीआइडी, आइबी, एटीएस और एफएसएल की टीमें घटनास्थल पर गहन जांच कर रही हैं।
सुरक्षा एजेंसियां ने बम में आरडीएम्स के इस्तेमाल की आशंका जताई है। गत 12 अक्टूबर को सीमा पर साढ़े सात किलो आरडीएक्स मिलने के बाद से ही एजेंसियां सतर्क हैं।
उदयपुर-अहमदाबाद ब्रॉडगेज रेलमार्ग पर जावर माइंस क्षेत्र के ओढ़ा पुल पर विस्फोट कर पटरी उड़ाने की कोशिश की गई थी। केवड़ा की नाल के पास हुए धमाके से रेलवे ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गया था। एटीएस के अनुसार, जमीन अधिग्रहण का मुआवजा और नौकरी नहीं मिलने से नाराजगी इस वारदात की वजह बताई गई थी।
Updated on:
5 Nov 2026, 8:17 AM IST
Published on:
5 Nov 2026, 8:13 AM IST
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