31 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

सड़कों पर कचरा-गंदगी, छह माह से धूल फांक रही करोड़ो की रोड स्वीपर मशीनें

हर तरफ कचरा, गंदगी और धूल जमी हुई है। सड़कों की सफाई के लिए खरीदी हुई करोड़ो रुपए की रोड स्वीपर मशीने निगम भण्डार गृह में धूल फांक रही है। निगम इन रोड स्वीपर मशीनों का संचालन भी नहीं कर पा रहा है। ये मशीने खड़ी-खड़ी खराब हो रही है, जबकि निगम महज ड्राईवरों की व्यवस्था कर न केवल इन मशीनों का संचालन कर सकता है बल्कि सड़कों की सफाई भी करवा सकता है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

बीकानेर

•

image

Brijesh Singh

•

Updated: 31 Oct 2026, 9:15 PM IST

नगर निगम के भण्डार गृह में महीनों से खड़ी रोड स्वीपर मशीनें। 

नगर निगम के भण्डार गृह में महीनों से खड़ी रोड स्वीपर मशीनें। 

शहर में सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। न घरों से पूरा कचरा संग्रहण हो रहा है और ना ही सड़कों से। जगह-जगह कचरे की ढेरियां लगी हुई है। शहर के मुख्य और चौड़े मार्गों पर रोज झाडू भी नहीं लग रहा है। हर तरफ कचरा, गंदगी और धूल जमी हुई है। सड़कों की सफाई के लिए खरीदी हुई करोड़ो रुपए की रोड स्वीपर मशीने निगम भण्डार गृह में धूल फांक रही है। निगम इन रोड स्वीपर मशीनों का संचालन भी नहीं कर पा रहा है। ये मशीने खड़ी-खड़ी खराब हो रही है, जबकि निगम महज ड्राईवरों की व्यवस्था कर न केवल इन मशीनों का संचालन कर सकता है बल्कि सड़कों की सफाई भी करवा सकता है। नगर निगम के पास कुल छह रोड स्वीपर मशीनें है। इनमें से चार नगर निगम की है। दो मशीने डीएलबी से आई हुई है। निगम कनिष्ठ अभियंता गोपालराम के अनुसार डीएलबी से प्राप्त रोड स्वीपर मशीनों का संचालन फर्म के माध्यम से हो रहा है। चार निगम की रोड स्वीपर मशीनों के संचालन के लिए टेंडर हुआ था, लेकिन निरस्त हो गया, इसलिए इनका संचालन नहीं हो रहा है।मई माह में टेंडर समाप्त हो गया था। नए टेंडर की प्रक्रिया चल रही है।

मशीनें भण्डार में खड़ी, चल रहा सफाई अभियान
दीपावली को लेकर नगर निगम सफाई अभियान चलने का दावा कर रहा है। सड़कों की सफाई के लिए आई हुई चार रोड स्वीपर मशीनें भण्डार में खड़ी है। इन मशीनों के माध्यम से शहर के मुख्य मार्गों और अधिक चौडाई के मार्गों की सफाई हो सकती है, लेकिन निगम प्रशासन इन मशीनों का संचालन नहीं कर पा रहा है। तकनीकी अधिकारियों को कहना है कि किसी वाहन और मशीन के महीनों तक उपयोग नहीं होने से इसका प्रतिकूल असर उस मशीन तथा वाहन के संबंधित पार्ट्स पर भी पड़ता है। अगर कोई वाहन लंबे समय से नहीं चल रहा है तो उस वाहन के टायर, ट्यूब, बैट्री आदि खराब हो सकते है।

दो करोड़ से अधिक की मशीनें धूल फांक रही
नगर निगम की चार रोड स्वीपर मशीने महीनों से भण्डार गृह में खड़ी है, उनकी कीमत दो करोड़ रुपए से भी अधिक बताई जा रही है। जानकारी अनुसार एक मशीन की कीमत लगभग 50 से 60 लाख रुपए तक है। महीनों से इनका उपयोग नहीं होने से ये मशीनें खराब हो रही है। जहां इनको खड़ा किया हुआ है, वहां अब झाड झंकाड़ भी उग आए है।