
India-PAK Border - File PIC
भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे बीकानेर जिले के सीमावर्ती इलाकों में देश की संप्रभुता और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करने के लिए प्रशासन ने बड़े प्रतिबंधात्मक कदम उठाए हैं। सीमा पार से होने वाली संभावित घुसपैठ, अवैध तस्करी, संदिग्ध संचार और जासूसी जैसी अवांछनीय गतिविधियों की आशंका को देखते हुए बीकानेर के जिला मजिस्ट्रेट एवं जिला कलेक्टर निशांत जैन ने 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023' (BNSS) की धारा 163 के तहत सख्त निषेधाज्ञा जारी की है। इन प्रतिबंधात्मक आदेशों की अवधि को आगामी 2 महीनों के लिए बढ़ा दिया गया है।
प्रशासनिक आदेशों के अनुसार, भारत-पाक सीमा से सटे 2 किलोमीटर के दायरे में आने वाले संवेदनशील इलाकों में रात 7 बजे से सुबह 6 बजे तक किसी भी व्यक्ति के बिना वैध अनुमति के आवागमन, घूमने या अन्य गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक रहेगी। आपातकालीन परिस्थिति या किसी अति-आवश्यक कार्य के लिए ग्रामीणों को नजदीकी सीमा सुरक्षा बल (BSF) की चौकी या पुलिस से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश बीकानेर जिले की खाजूवाला और बज्जू तहसील के अंतर्गत आने वाले 12 प्रमुख सीमावर्ती गांवों में सख्ती से लागू किए जाएंगे। इन चिन्हित गांवों में शामिल हैं:
बल्लर
गुलामअलीवाला
सियासर चौगान
बेरियाँवाली
करमवाला
गज्जेवाला
रणजीतपुरा
सांचू
अन्नेवाला
कबरेवाला
भूरासर
मगनवाला
इन गांवों की सीमाओं के भीतर रात के समय बिना पूर्व अनुमति पाए जाने वाले संदिग्ध व्यक्तियों के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों द्वारा कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
सीमा पार लगे पाकिस्तानी टेलीकॉम ऑपरेटरों के मोबाइल टावरों का नेटवर्क भारतीय क्षेत्र में 3 से 4 किलोमीटर अंदर तक आने की संभावना रहती है। इस खतरे से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने सीमावर्ती क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की 'पाकिस्तानी लोकल सिम' (Pakistani SIM) के उपयोग को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है।
इसके साथ ही, खाजूवाला, बज्जू और छत्तरगढ़ क्षेत्र में पाकिस्तान के अंतरराष्ट्रीय टेलीफोन कंट्री कोड +92 (0092) से आने वाली सभी कॉल्स का विस्तृत रिकॉर्ड रखने का जिम्मा 'भारत संचार निगम लिमिटेड' (BSNL) को सौंपा गया है। सुरक्षा एजेंसियों और जांच अधिकारियों को आवश्यकता पड़ने पर इन कॉल्स का ब्योरा और ट्रैकिंग डेटा तुरंत उपलब्ध कराया जाएगा।
संदिग्ध गतिविधियों को रोकने के लिए मोबाइल विक्रेताओं और आम नागरिकों के लिए भी नई गाइडलाइंस जारी की गई हैं:
सिम वितरण पर नियम: मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों और अधिकृत दुकानदारों को नया सिम कार्ड जारी करने से पहले ग्राहक के मूल पहचान पत्र (जैसे राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, बिजली-पानी का बिल) का मूल प्रतियों से कड़ा सत्यापन करना होगा। संदिग्ध आवेदक या जाली दस्तावेज मिलने पर तुरंत नजदीकी थानाधिकारी को सूचित करना होगा।
बाहरी श्रमिकों का पुलिस वेरिफिकेशन: सीमावर्ती कृषि भूमि, जिप्सम खनन और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में काम करने वाले बाहरी राज्यों के मजदूरों के मूल निवास प्रमाण पत्र, पहचान पत्र और पुलिस चरित्र सत्यापन की प्रतियां नजदीकी बीएसएफ पोस्ट और थाने में जमा करानी होंगी। कार्यस्थल पर श्रमिकों को हर समय पहचान पत्र साथ रखना होगा।
व्हाट्सएप ग्रुप एडमिन पर नजर: सोशल मीडिया के जरिए सामरिक और रणनीतिक महत्व की सूचनाओं के लीक होने से रोकने के लिए ग्रुप एडमिनों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति को अपने व्हाट्सएप ग्रुप में न जोड़ें। किसी भी प्रकार की संदिग्ध सूचना शेयर होने पर ग्रुप एडमिन की सीधी जवाबदेही तय की जाएगी।
Updated on:
31 Oct 2026, 10:44 AM IST
Published on:
31 Oct 2026, 10:44 AM IST
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