31 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Rajasthan Panchayat Election Results: करोड़ों फॉलोअर्स वाले यूट्यूबर पवन साहू की पत्नी सरपंच चुनाव हारीं, मिले सिर्फ 277 वोट

Phuliakhurd Sarpanch Election: भीलवाड़ा की फुलियाखुर्द पंचायत चुनाव में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर पवन साहू की पत्नी कोमल साहू को मिली करारी हार। तीसरे स्थान पर रहीं, भगवती लाल सोनी बने सरपंच।
4 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भीलवाड़ा

•

image

Nakul Devarshi

•

Updated: 31 Oct 2026, 8:57 AM IST

pawan sahu wife komal loses phuliakhurd sarpanch election bhilwara

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर पवन साहू - File pic

सोशल मीडिया की आभासी दुनिया के लाखों-करोड़ों 'लाइक', 'फॉलोअर्स' और डिजिटल लोकप्रियता हमेशा वास्तविक धरातल पर वोटों में तब्दील नहीं होती। इस बात पर एक बार फिर मुहर लगाती हुई राजस्थान के भीलवाड़ा (शाहपुरा) जिले की फुलियाखुर्द ग्राम पंचायत से एक बड़ी खबर सामने आई है। देश के जाने-माने फिटनेस यूट्यूबर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर पवन साहू की पत्नी कोमल साहू (तेली) को सरपंच पद के चुनाव में करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है। चुनाव के दौरान दिनभर फर्जी वोटिंग के आरोपों और पुलिस से तीखी नोकझोंक के बाद जब देर रात आधिकारिक नतीजे घोषित किए गए, तो कोमल साहू इस मुकाबले में तीसरे स्थान पर सिमटकर रह गईं।

इस हाई-प्रोफाइल और पूरे प्रदेश में चर्चा का केंद्र बने ग्रामीण चुनाव में भगवती लाल सोनी ने शानदार जीत हासिल करते हुए सरपंच की कुर्सी पर कब्जा जमाया है। सोशल मीडिया के तमाम बड़े चेहरों और डिजिटल कैंपेनिंग के बावजूद ग्रामीण मतदाताओं ने विकास के दावों को दरकिनार करते हुए धरातल पर अपनी पसंद स्पष्ट कर दी है।

फुलियाखुर्द पंचायत चुनाव का पूरा गणित: किसे मिले कितने वोट?

शाहपुरा पंचायत समिति के अंतर्गत आने वाली फुलियाखुर्द ग्राम पंचायत में सरपंच पद के लिए कुल 8 उम्मीदवार चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे थे। मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब देर रात मतगणना के आधिकारिक आंकड़े सामने आए, तो परिणामों ने सभी को चौंका दिया:

भगवती लाल सोनी (विजेता): इन्हें मतदाताओं का सबसे अधिक समर्थन मिला और कुल 1,203 वोट पाकर इन्होंने सरपंच पद पर शानदार जीत दर्ज की।

कालू राम जाट (उपविजेता): पूर्व सरपंच व मजबूत प्रतिद्वंद्वी कालू राम जाट ने 797 वोट हासिल कर दूसरा स्थान प्राप्त किया।

कोमल साहू / तेली (पवन साहू की पत्नी): सोशल मीडिया पर भारी-भरकम फैन फॉलोइंग और आक्रामक प्रचार के बावजूद कोमल साहू मात्र 277 वोट ही हासिल कर सकीं और मुकाबले में तीसरे स्थान पर रहीं।

फुलियाखुर्द पंचायत में कुल 2,380 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था, जिसमें से स्पष्ट बहुमत भगवती लाल सोनी के पक्ष में गया।

पवन साहू की सोशल मीडिया में धमक  

यूट्यूब पर 27 मिलियन सब्सक्राइबर 

फेसबुक पर 3 मिलियन फॉलोअर्स 

इंस्टाग्राम पर 7 मिलियन फॉलोअर्स 

दिनभर रहा हाई-वोल्टेज ड्रामा, फर्जी वोटिंग के आरोप और पुलिस से तनातनी

चुनाव के दिन फुलियाखुर्द मतदान केंद्र पर सुबह से ही भारी गहमागहमी और तनाव का माहौल बना रहा। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर पवन साहू ने मतदान प्रक्रिया के दौरान एक बूथ पर पहुंचकर फर्जी वोटिंग) होने के गंभीर और खुले आरोप लगाए। उनका कहना था कि नियमों को ताक पर रखकर मतदान कराया जा रहा है।

मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और सुरक्षा अधिकारियों ने जब उनकी आपत्तियों को नजरअंदाज करते हुए बूथ के अंदर दखल देने से रोका, तो दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक और बहस शुरू हो गई। स्थिति को ज्यादा बिगड़ता देख पुलिस ने सख्त रुख अपनाया और पवन साहू को मतदान केंद्र से बाहर खदेड़ दिया। इस हंगामे का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हुआ, जिसने इस चुनाव की चर्चा को और हवा दे दी।

विकास के बड़े वादों और व्यक्तिगत प्रयासों के बावजूद जनता ने नकारा

चुनाव प्रचार के दौरान पवन साहू ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। उन्होंने अपने निजी संसाधनों से गांव में पानी की समस्या दूर करने के लिए बोरिंग लगवाने, सड़कों के निर्माण और अन्य बुनियादी विकास कार्यों में हाथ बंटाने का पूरा प्रयास किया था। इसके अलावा, राजस्थान के तमाम अन्य बड़े सोशल इन्फ्लुएंसर्स ने भी वीडियो जारी कर कोमल साहू के पक्ष में वोट करने की अपील की थी।

हालांकि, चुनावी नतीजों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि ग्रामीण स्तर के चुनावों में सोशल मीडिया के 'व्यूज' और 'डिजिटल स्टारडम' से ज्यादा स्थानीय समीकरण, पारिवारिक जुड़ाव और जमीन पर मतदाताओं का सीधा विश्वास मायने रखता है। ओसियां (जोधपुर) के बाद पवन साहू की यह हार यह दर्शाती है कि वर्चुअल दुनिया की लोकप्रियता को असल मतपेटी के वोटों में बदलना हर बार आसान नहीं होता।

भगवती लाल सोनी बने सरपंच, समर्थकों ने मनाया जीत का जश्न

यूट्यूबर ओमप्रकाश बिश्नोई को भी मिली थी करारी हार

गौरतलब है कि पहले फेज़ के चुनाव के दौरान भी ठीक इसी तरह का चुनाव नतीजा सामने आया था। सोशल मीडिया की दुनिया में लाखों-करोड़ों फैंस रखने वाले इन्फ्लुएंसर और यूट्यूबर ओमप्रकाश बिश्नोई को जोधपुर जिले की ओसियां तहसील से सरपंच चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा था । डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर लाखों लोगों के दिलों पर राज करने वाले ओमप्रकाश को उनके अपने ही गांव के लोगों का समर्थन नहीं मिल सका और कुल 1,600 मतदाताओं वाले गांव में उन्हें सिर्फ 33 वोटों से ही संतोष करना पड़ा।

जोधपुर जिले की ओसियां तहसील में स्थित इंदों की ढाणी द्वितीय ग्राम पंचायत से सरपंच पद के प्रत्याशी के रूप में चुनावी मैदान में उतरे ओमप्रकाश बिश्नोई की हार इस समय चर्चा का सबसे बड़ा विषय बनी हुई है। सोशल मीडिया पर उनकी फैन फॉलोइंग और डिजिटल लोकप्रियता को देखते हुए माना जा रहा था कि वे कड़े मुकाबले में रहेंगे, लेकिन चुनावी नतीजों ने यह साबित कर दिया कि सोशल मीडिया की वर्चुअल दुनिया के 'लाइक' और 'कमेंट्स' असल जिंदगी में मतपेटी के वोटों में तब्दील नहीं होते।

बड़ी खबरें

View All

भीलवाड़ा

राजस्थान न्यूज़

राजस्थान पंचायत चुनाव 2026