
पिया डांडिया। फोटो: पत्रिका
शिप्रा गुप्ता
जयपुर। जयपुर से गहरा पारिवारिक नाता रखने वाली 39 वर्षीय पिया डांडिया ने अमरीका की राजनीति में अहम मुकाम हासिल किया है। उन्होंने फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से यूएस हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स का चुनाव जीता है। डेमोक्रेटिक उम्मीदवार पिया को करीब 51.9 प्रतिशत वोट मिले। पिया का जन्म और पालन-पोषण फ्लोरिडा में हुआ। उनके माता-पिता जयपुर से 1980 के दशक में अमरीका जाकर बस गए थे। पिया के पिता डॉ. रोहित डांडिया ने जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस किया। उनके दादा डॉ. पीसी डांडिया एसएमएस मेडिकल कॉलेज के डीन और प्रख्यात चिकित्सक रहे हैं। पिया की शादी नौ साल पहले जयपुर में ही हुई थी।
जयपुर की बेटी पिया डांडिया ने अमरीका की राजनीति में इतिहास रच दिया है। उन्होंने फ्लोरिडा से यूएस हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स का चुनाव जीत लिया है। डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार पिया को 51.89% वोट मिले, जबकि रिपब्लिकन प्रत्याशी को 48.11% वोट हासिल हुए। वे फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट का प्रतिनिधित्व करेंगी। वे फ्लोरिडा से चुनाव जीतने वाली भारतीय मूल की पहली महिला बताई जा रही है। पिया की इस सफलता के पीछे वर्षों की मेहनत, शिक्षा और समाजसेवा का अनुभव है।
उनका सफर किसी राजनीतिक परिवार से नहीं, बल्कि लोगों के बीच काम करने से शुरू हुआ। करीब नौ साल पहले उनकी शादी जयपुर में हुई थी। उनका ससुराल मुंबई में हैं। चुनाव में जीत के बाद उनकी मां ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि ऐसा लग रहा है, जैसे जिंदगी बदल गई हो। पूरे परिवार को बेटी की उपलब्धि पर गर्व है।
जयपुर में पिया के चाचा डॉ. अश्विनी डांडिया और चचेरे भाई ध्रुव डांडिया ने बताया कि परिवार उन्हें डॉक्टर बनाना चाहता था, लेकिन पिया ने 13 साल की उम्र में ही राजनीति में आने की इच्छा जता दी थी। अमरीका से उनके पिता डॉ. रोहित डांडिया और मां भारती डांडिया ने बताया कि पिया ने करीब 10 साल शिक्षा के क्षेत्र में काम किया। इसके बाद दो साल वाइट हाउस फेलो के रूप में सेवाएं दीं। वे एपल में भी शिक्षा विभाग से जुड़े कामकाज की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं।
पिया ने चुनाव प्रचार में भी पूरी ताकत लगा दी। करीब 200 मील में फैले चुनाव क्षेत्र में वे घर-घर पहुंचीं और लोगों से मुलाकात की। शुरुआत में उनकी सभाओं में 30 से 40 लोग आते थे, लेकिन धीरे-धीरे यह संख्या बढकर 100 से 200 तक पहुंच गई। परिवार के अनुसार, वे रोजाना करीब 14 घंटे चुनाव प्रचार करती थीं। स्पेनिश भाषा पर उनकी अच्छी पकड़ भी प्रचार में मददगार साबित हुई।
पिया का परिवार लंबे समय से जयपुर से जुड़ा है। उनके दादा डॉ. प्रेमचंद डांडिया ने एसएमएस मेडिकल कॉलेज में करीब 70 साल तक अध्यापन किया। वे कॉलेज के डीन भी रहे और चिकित्सा विषय पर करीब 20 पुस्तकें लिखीं। सितंबर में परिवार ने उनका 100वां जन्मदिन मनाया। पिया के पिता डॉ. रोहित डांडिया ने भी एसएमएस मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस किया। उन्होंने कॉलेज में अत्याधुनिक डॉ. पी.सी. डांडिया खेल परिसर के निर्माण में भी अहम योगदान दिया है।
पिया ने 28 वर्ष की उम्र में गरीब आबादी के लिए अमरीका के हार्लेम इलाके में 28 साल की उम्र में सरकारी स्कूल की स्थापना की। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया। उनके प्रयासों से स्कूल के सभी बच्चों को कॉलेज में प्रवेश मिला। शिक्षा, अस्पतालों और पुलिस व्यवस्था में सुधार के लिए भी पहल की।
Updated on:
5 Nov 2026, 7:47 AM IST
Published on:
5 Nov 2026, 7:47 AM IST
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