जयपुर (पूर्व) पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ठगी के ₹3.85 करोड़ होल्ड करवाकर पीड़ितों को बड़ी राहत दी है।
पिंक सिटी में डिजिटल ठगों के बढ़ते नेटवर्क के बीच जयपुर (पूर्व) पुलिस ने एक ऐसी 'सर्जिकल स्ट्राइक' की है, जिसने अपराधियों के पसीने छुड़ा दिए हैं। ठगी की रकम अकाउंट से निकलने के बाद उसे वापस पाना लगभग असंभव माना जाता है, लेकिन जयपुर पुलिस ने तकनीकी सूझबूझ से न केवल करोड़ों रुपये होल्ड करवाए, बल्कि पीड़ितों के चेहरे पर मुस्कान भी लौटाई है।
जयपुर (पूर्व) डीसीपी रंजीता शर्मा ने इस बड़ी कामयाबी का खुलासा करते हुए बताया कि 1 जनवरी से 30 अप्रैल 2026 के बीच साइबर सेल ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है:
स्मार्टफोन आज हमारी जिंदगी और प्राइवेसी का सबसे बड़ा हिस्सा है। मोबाइल गुम होने पर उम्मीद छोड़ देने वाले लोगों के लिए पुलिस का 'ऑपरेशन रिकॉल' वरदान साबित हुआ है:
इस पूरी कार्रवाई में तकनीकी पोर्टल Central Equipment Identity Register CEIR ने अहम भूमिका निभाई है। पुलिस ने अलग-अलग राज्यों और राजस्थान के दूर-दराज के जिलों से लोकेशन ट्रेस कर इन मोबाइल्स को रिकवर किया। पीड़ितों को जब उनके खोए हुए कीमती फोन वापस मिले, तो पुलिस मुख्यालय में खुशी का माहौल देखने को मिला।
डीसीपी रंजीता शर्मा ने आमजन से अपील की है कि मोबाइल गुम होने या चोरी होने पर उसे हल्के में न लें।